विकेंद्र शर्मा की रिपोर्ट
बदायूं/जरीफनगर – थाना जरीफनगर के अंतर्गत आने वाले गाँव दानपुर में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें कुछ लोगों ने एक पालतू भैंस का पैर तोड़ दिया। इस घटना की शिकायत पशु पालक गुड्डो पत्नी सुलेन्द्र द्वारा 16 अगस्त 2024 को थाना जरीफनगर में की गई थी। हालांकि, पुलिस द्वारा आरोपियों को थाने बुलाकर बिना किसी जांच या मेडिकल के मामला वहीं से रफा-दफा कर दिया गया।


घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने न तो कोई जांच की, न ही भैंस का मेडिकल कराया गया। इस प्रकरण में थाना प्रभारी की उदासीनता भी साफ नजर आई, जिन्होंने भैंस की स्थिति की जानकारी लेने की भी कोशिश नहीं की। पुलिस की यह कार्यशैली कानून की अवहेलना को दर्शाती है।
घटना पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 और भारतीय दंड संहिता की धारा 325 के तहत कानूनी अपराध के अंतर्गत आती है। साथ ही, महिला के साथ अभद्रता और जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिसके लिए मुकदमा पंजीकृत कर कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए थी।
भैंस स्वामी गुड्डो पत्नी सुलेन्द्र ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय से इस मामले में उचित कार्यवाही करने और न्याय दिलाने की अपील की है। इस घटना की जानकारी आईजी बरेली, डीजीपी उत्तर प्रदेश, और एडीजी बरेली को भी भेजी गई है।
आरोपियों में ऋषिपाल, योगेंद्र, और हरवेश पुत्र धर्मपाल शामिल हैं, जो सभी ग्राम दानपुर, थाना जरीफनगर के निवासी हैं।इस घटना ने थाना जरीफनगर पुलिस की लापरवाही भरी कार्यशैली को उजागर किया है, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

























