बदायूँ (स्वदेश केसरी न्यूज)। शहर में कल हुई भारी बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। यहां लोगों के घरों और दुकानों में पानी जा घुसा। जिसकी वजह से दुकानदारों को एक करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो गया। आखिर इस नुकसान का जिम्मेदार कौन है, जहां नगर पालिका इसका जिम्मेदार व्यापारियों को बताती है लेकिन हकीकत में यह नगर पालिका की बड़ी लापरवाही की वजह से हुआ है। इसकी वजह है कि शहर के सभी नाले चोक पड़े हैं, जिसकी तलिझाड सफाई तक नहीं कराई गई। कल वारिश का पानी तेजी से आया तो नाले से पानी बाहर ही नहीं जा सका। जिससे पानी उफान पर आकर लोगों के घरों और दुकानों में जा भरा। जिससे एक करोड़ के करीब दुकानदारों को नुकसान झेलना पड़ा।सबसे ज्यादा नुकसान मढ़ई चौक,हलवाई चौक,सर्राफा बाजार,पुराने बाजार से लेकर सुभाष चौक तक, आर्य समाज से सुभाष चौक तक ,छै सड़के से लेकर बाबू राम मार्केट तक के दुकानदारों को हुआ है।
स्वदेश केसरी न्यूज ने शहर में घूम घूम कर लोगों के नुकसान का जायजा लिया, शहर के पुराने बाजार स्थित, जनता ऑप्टिकल के मालिक 75 बर्षीय प्रणवीर रस्तोगी जिनका बरसात के पानी के चलते भारी नुकसान हुआ है, दुकान के अंदर पानी भर जाने से हजारों रुपये का माल भीग गया,बहीं दुकान की नींव में रिसाव हो जाने के चलते दुकान का फर्श बैठ गया दुकान में लगभग 6 फिट गहरा 6 फिट चौड़ा कुआं जैसा बना गया है दुकान की सभी दीबारों, व बहार के छज्जे में दरारें पड़ गयी हैं जिससे दुकान के गिर जाने का खतरा बन गया है,










75 साल के प्रणवीर रस्तोगी के सामने नयी समस्या खड़ी हो गई है वो इसी दुकान से अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे लेकिन अब उनमे सामने संकट खड़ा हो गया है एक ओर दुकान में माल का नुकसान, दूसरी ओर दुकान जर्जर हालत होने से मायूस दिखाई दिए। उनसे आगे गली में कबाड़ी का कार्य करने वाले मुस्लिम व्यापारी की दुकान व मकान में पानी भरने से दुकान में रखी रद्दी व फट्टा गल गया जिससे हजारों रु का नुक्सान हो गया,जहां वर्तन व्यापारी के वेसमेंटों में पानी भर जाने से डिब्बों में रखे वर्तनों की पैकिंग खराब हो जाने से भारी नुक्सान हुआ है तो आगे बढ़ने पर आनन्द भोग के व्यापारी की दुकान में रखा आटा व गेहूं खराब हो गया।वहीं किराने के तमाम व्यापारियों को चीनी,सूजी,दाल,मसालों के भीग जाने के कारण लाखों रुपये का नुकसान हो गया, कम्युनिकेशन व बिजली के व्यापारी कम्प्यूटर उपकरण,मोबाईल एसेशरी,सहित लाखों रुपये बिजली के उपकरणों का नुकसान बता रहे हैं,
आखिर इस नुक्सान का जिम्मेदार है कौन ? नगर पालिका को हर साल शासन से नालों की तली झाड़ सफाई के लिये करोड़ों रुपये का बजट आता है,लेकिन इस राशि का बन्दर बांट कहाँ हो जाता है यह कोई नही जानता पर कागजों में हर साल नालों की तली झाड़ सफाई नगर पालिका करती चली आ रही है, वहीं शहर के तमाम नाले को सकरे भी कर दिया गये है। जिसका खामियाजा यहां के करीब सैकड़ों दुकानदारों व घर मालिकों को भुगतना पड़ रहा है। शहर में हर साल अतिक्रमण हटाने के नाम पर चंद छोटे दुकानदारों के लिंटर तोड़ना छज्जे तोड़ने की औपचारिकता निभा दी जाती है,बाकी अतिक्रमण का भय दिखाकर शहर के अंदर हजारों मकान व दुकान पर लाल निशान लगाकर उनसे लाखों रुपये के वारे न्यारे का कारोबार हो जाता है इसी का परिणाम है कि बर्षों से चली आ रही समस्या का करोड़ों रुपये खर्च हो जाने के बाद भी स्थाई समाधान नहीं हो पा रहा है,कितनी सरकार आयीं और गईं कितने चैयरमैन आये गए पर आजतक कोई भी इस समस्या का समाधान न कर सका,पर इसके समाधान के नाम पर सभी अपनी जेबें जरुर गर्म कर लेते हैं।
बदायूँ की जनता ने जनप्रतिनिधियों को इस उम्मीद से चुना कि शायद इस बार वो उनकी समस्या को गम्भीरता से लेंगे लेकिन जनता ने हर बार की तरह इस बार भी अपने आपको ठगा सा महसूस किया। काश जन प्रतिनिधियों के मकान या दुकानों में भी पानी भर जाता तब शायद इस समस्या का समाधान जल्द हो जाता।सरकार को अब राजस्व विभाग से आम आदमी व व्यापारियों को हुए इस नुकसान का सर्वे करा कर उसकी मदद करने की पहल करना चाहिए।वैसे भी व्यापारियों की पिछले दो सालों से कोरोना की मार से कमर टूट चुकी है,अब इस एक वारिश ने नुकसान का ऐसा झटका दिया जिससे वो अंदर तक टूट गया है, देखना होगा कि कौन सा जनप्रतिनिधि उनका हमदर्द बन कर साथ खड़ा होता है,बैसे भी बारिश का दौर अभी भी थमा नहीं है।किसी ने सच ही कहा है “जिसकी न फ़टी विवाई ,वो क्या जाने पीर पराई” बदायूँ शहर के जनप्रतिनिधियों पर यह पुराना मुहाबरा बड़ा सटीक बैठता है।


























