



सालारपुर/ बदायूं। बाल विकास विभाग के तत्वावधान में विकासखंड सालारपुर में पोषाहार रेसिपी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मिलने वाले पोषाहार के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा उसके अधिक से अधिक उपयोग के लिए प्रेरित करना रहा।
प्रतियोगिता में विकासखंड क्षेत्र की 10 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने प्रतिभाग किया। कार्यकत्रियों ने ग्राम पंचायतों में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को वितरित किए जाने वाले पोषाहार से विभिन्न स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजन तैयार कर निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में खीर, आटा-बेसन बर्फी, मूंग दाल चीला, मूंग दाल खिचड़ी, लड्डू, पुआ, मठरी, रायता और कचौड़ी समेत कई व्यंजन बनाए गए।
प्रतियोगिता में भांसी की आंगनबाड़ी कार्यकत्री ऊषा देवी ने खीर एवं आटा-बेसन बर्फी बनाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वनगवां की आंगनबाड़ी कार्यकत्री फिरदौस ने मूंग दाल चीला बनाकर द्वितीय स्थान हासिल किया। वहीं बिनावर की आंगनबाड़ी कार्यकत्री मंजला सिंह चौहान ने लड्डू, मठरी एवं बर्फी तैयार कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली अन्य कार्यकत्रियों ने भी पोषाहार से स्वादिष्ट व्यंजन तैयार कर उसकी उपयोगिता और पौष्टिकता का प्रदर्शन किया। आयोजन के दौरान निर्णायक मंडल ने सभी व्यंजनों का स्वाद लेकर उनके स्वाद, प्रस्तुति, पौष्टिकता एवं रचनात्मकता के आधार पर मूल्यांकन किया।
निर्णायक मंडल में प्रमुख प्रशासक पति, क्षेत्र पंचायत सालारपुर अनेकपाल सिंह, सहायक विकास अधिकारी पंचायत शिव कुमार तथा प्रधान सहायक एनडी खान शामिल रहे। विजेता आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सुपरवाइजर संतोष कुमार एवं शिवानी राठौर सहित बाल विकास विभाग से जुड़े कर्मचारी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं। आयोजन के माध्यम से विभाग ने संदेश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाले पोषाहार को केवल निर्धारित रूप में ही नहीं, बल्कि अलग-अलग स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजनों के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है, जिससे गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा बच्चों को बेहतर पोषण मिल सके।
























