



बरेली। शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश के तत्वावधान में बरेली जिले का आचार्य अभ्यास वर्ग रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग एवं सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, नेकपुर में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न सरस्वती शिशु मंदिरों के आचार्यों ने भाग लेकर नवीन शिक्षण पद्धतियों, संस्कारमूलक शिक्षा और विद्यालय संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बरेली संभाग के जिला समन्वयक सुनील कुमार सिंह पुंडीर, प्रदेश शिशु वाटिका प्रभारी रामकिशोर श्रीवास्तव, अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, बाल कल्याण समिति के मंत्री दिनेश मलिक एवं राजीव सक्सेना ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया। प्रधानाचार्य संजीव कुमार पांडेय ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया।
मुख्य वक्ता रामकिशोर श्रीवास्तव ने कहा कि शिशु केंद्रित शिक्षा ही बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि बालकों के व्यक्तित्व और संस्कारों का निर्माण करना भी है।
बरेली संभाग के जिला समन्वयक सुनील कुमार सिंह पुंडीर ने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षक और शिक्षण में नवाचार ही शिक्षा के उन्नयन का आधार हैं। वहीं दिनेश मलिक ने आचार्यों का आह्वान किया कि वे भारतीय शिक्षा दर्शन के अनुरूप शिक्षण कार्य करते हुए विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास करें।
शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश के जिला मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि अभ्यास वर्ग का आयोजन दो स्थानों पर किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञ डी.एन. मिश्रा, शिवलेश पांडे, अवनेंद्र शास्त्री, तपेंद्र कटारा, डॉ. शिव दयाल, डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. ऋषभ मिश्रा और डॉ. सतीश शर्मा ने भारतीय शिक्षा दर्शन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, बालक-केंद्रित शिक्षण, कक्षा प्रबंधन, मूल्यपरक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास तथा विद्यालयों में संस्कार निर्माण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया।
प्रशिक्षण वर्ग में योग, समूह चर्चा, शिक्षण प्रदर्शन एवं व्यवहारिक सत्र भी आयोजित किए गए। आचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए और विद्यालयों में नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया।
समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि ऐसे अभ्यास वर्ग शिक्षकों की दक्षता, कार्यकुशलता और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में आचार्यों ने राष्ट्र निर्माण, संस्कारयुक्त शिक्षा और उत्कृष्ट शैक्षिक वातावरण के निर्माण के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।
प्रधानाचार्य संजीव कुमार पांडेय ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य मनोज शर्मा ने किया। इस अवसर पर जिले के सभी 20 सरस्वती शिशु मंदिरों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।


























