
बदायूं से प्रदीप कुमार शर्मा – बिल्सी से ललित मोहन वार्ष्णेय की रिपोर्ट
बदायूं/बिल्सी। बिजली विभाग की नई व्यवस्था ने जिले के हजारों घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा बिना पूर्व सूचना दिए बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शनों का स्वीकृत लोड स्वतः बढ़ा दिया गया, जिससे अब हर महीने उपभोक्ताओं को अधिक फिक्स्ड चार्ज और बढ़ा हुआ बिजली बिल चुकाना पड़ सकता है। इस कार्रवाई को लेकर बदायूं और बिल्सी सहित पूरे प्रदेश में उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने बिजली बचाने के लिए अपने घरों में सोलर सिस्टम तक लगवा रखा है, इसके बावजूद उनका लोड भी बढ़ा दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, विभाग ने बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव कर बड़ी संख्या में कनेक्शनों का लोड स्वतः अपडेट कर दिया। जबकि मौजूदा नियमों के अनुसार किसी उपभोक्ता का लोड बढ़ाने से पहले लगातार तीन माह तक अधिक बिजली खपत का आकलन किया जाना चाहिए। आरोप है कि विभाग ने केवल एक माह की खपत के आधार पर ही लोड बढ़ा दिया, जिससे नियमों की अनदेखी हुई है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश भर में करीब 46.68 लाख उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाया गया है, जिससे कुल 3,654 मेगावाट अतिरिक्त लोड सिस्टम में दर्ज हुआ है। इससे विभाग को केवल फिक्स्ड चार्ज के रूप में ही हर महीने लगभग 40 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
बदायूं और बिल्सी के उपभोक्ताओं का कहना है कि यह कदम विभाग की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उनका आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना, जांच या सहमति के लोड बढ़ाना उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है। लोगों ने बढ़ाए गए लोड को तत्काल पूर्व स्थिति में बहाल करने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
इस मामले को लेकर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। परिषद ने इस कार्रवाई को उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) में याचिका दायर की है और पूरे मामले की जांच की मांग की है।
यदि किसी उपभोक्ता का लोड गलत तरीके से बढ़ा दिया गया है तो वह बिजली विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप के माध्यम से भी लोड संशोधन एवं बिल संबंधी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई जा सकती है।


























