जिस दिन से रखी गई नींव, तब से नहीं थम रहीं अड़चनें!


बिल्सी (बदायूं)। नगर के खैरी मार्ग स्थित नवनिर्मित रोडवेज बस स्टेशन को लेकर अब लोगों के बीच एक नई चर्चा शुरू हो गईं है-आखिर इस भूमि का चयन किस घड़ी में हुआ कि हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर कोई न कोई बाधा सामने आ जाती है। हालांकि इसे लेकर कोई आधिकारिक तथ्य नहीं है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों को तरह-तरह की चर्चाएं करने का अवसर जरूर दे दिया है।
दरअसल, क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए बिल्सी विधायक हरीश शाक्य के प्रयासों से वर्ष 2024 में नगर पालिका की खाली पड़ी भूमि पर रोडवेज बस स्टेशन स्वीकृत हुआ। इसका शिलान्यास 4 दिसंबर 2024 को परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के हाथों होना तय था, लेकिन उस दिन खराब मौसम के कारण कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। बाद में 5 दिसंबर को शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
इसके बाद निर्माण कार्य ने जरूर तेजी से रफ्तार पकड़ी। नौ माह में पूरा होने वाला प्रोजेक्ट महज छह माह में, यानी जून 2025 में तैयार हो गया। इसके बावजूद बस स्टेशन का उद्घाटन एक साल तक नहीं हो सका। सूत्रों की मानें तो विधायक हरीश शाक्य चाहते थे कि इसका लोकार्पण परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह अथवा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हाथों हो। लेकिन अतिथियों की व्यस्तता और समय न मिलने के कारण उद्घाटन लगातार टलता रहा।
इस बीच एक और हैरान करने वाली घटना सामने आई। उद्घाटन से पहले ही बस स्टेशन परिसर में लगाए गए बिजली के पोल धराशायी हो गए। बाद में उन्हें हटाकर भवन की छत पर रख दिया गया, जो आज भी अधूरे इंतजामों की कहानी बयां कर रहे हैं।
इसके बाद 10 जुलाई 2026 को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा लोकार्पण का कार्यक्रम तय हुआ। पहले उनके हेलीकॉप्टर से आने का कार्यक्रम बना, बाद में इसे बदलकर सड़क मार्ग कर दिया गया। अंततः खराब मौसम की संभावना के चलते पूरा लोकार्पण कार्यक्रम ही स्थगित कर दिया गया।
उधर, शिलान्यास के समय लगाया गया शिलापट्ट भी अब अपनी निर्धारित जगह पर नहीं है। वह स्टेशन के एक कमरे में रखा धूल फांक रहा है, जो लोगों के बीच चर्चा का एक और विषय बना हुआ है।
अब नगर में लोग इन सभी घटनाओं को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कोई इसे महज संयोग बता रहा है तो कोई मौसम की मार, जबकि कुछ लोग इसे किस्मत का खेल कह रहे हैं। हालांकि इन चर्चाओं का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है, लेकिन लगातार एक के बाद एक सामने आई बाधाओं ने लोगों के बीच जिज्ञासा जरूर बढ़ा दी है।
अब सबकी निगाहें प्रशासन और शासन द्वारा घोषित होने वाली नई तिथि पर टिकी हैं। क्षेत्रवासी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही यह बहुप्रतीक्षित रोडवेज बस स्टेशन जनता को समर्पित होगा और लंबे इंतजार का अंत होगा।
संपादकीय टिप्पणी: इस समाचार में “भूमि अशुभ है” जैसी बातें केवल स्थानीय जनचर्चाओं के रूप में प्रस्तुत की गई हैं। इनके समर्थन में कोई आधिकारिक या वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए समाचार में इन्हें तथ्य नहीं, बल्कि जनसामान्य के बीच चल रही चर्चाओं के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।


























