बिल्सी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिल्सी-बिसौली रोड स्थित श्री 1008 पदम प्रभु दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र पदमांचल जैन मंदिर परिसर में अरिहंत वृक्षारोपण सामाजिक सेवा समिति के तत्वावधान में पौधारोपण एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए छायादार एवं फलदार पौधे रोपे गए तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय वेद कथाकार आचार्य संजीव रूप ने पौधारोपण कर किया। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं, जो न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने, तापमान नियंत्रित रखने तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ों की जड़ें मिट्टी को मजबूती प्रदान करती हैं और वर्षा जल के संरक्षण में भी सहायक होती हैं, जिससे भूजल स्तर बढ़ता है।
ट्री मैन प्रशांत जैन ने कहा कि वृक्षारोपण प्रकृति संरक्षण का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। पेड़-पौधे मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, क्योंकि वे हमें शुद्ध वायु, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया।
समिति के संरक्षक मृगांक जैन ने कहा कि पर्यावरण ही मानव जीवन का आधार है। जल, जंगल और जमीन का संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया। अंत में समिति पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर मनोज जैन, केशव वार्ष्णेय, तृप्ति आर्य, प्रमोद गोस्वामी, संजीव माहेश्वरी, डॉ. नीरज अग्निहोत्री, रमेश बाबू शर्मा, सूरज सागर सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।


























