पांचवें शिविर में 48 यूनिट रक्त संग्रहित,48 रक्तदाताओं ने स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा का दिया संदेश,,







बदायूं। आज के दौर में जहां जन्मदिन समारोह अक्सर केक, पार्टियों और दिखावे तक सीमित रह जाते हैं, वहीं बदायूं के समाजसेवी लवकेश गुप्ता ने अपनी बेटी के जन्मदिन को समाजसेवा से जोड़कर एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है। वह अपनी बेटी मीशिका गुप्ता के जन्मदिन पर लगातार पांच वर्षों से रक्तदान शिविर आयोजित कर रहे हैं, जिससे जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिल रहा है।
शुक्रवार को मीशिका गुप्ता एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस के अवसर पर पांचवें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन सिविल लाइंस क्षेत्र में बदायूं चैरिटेबल ब्लड सेंटर के सहयोग से किया गया। शिविर का शुभारंभ सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता एवं भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने किया।
रक्तदान शिविर में युवाओं और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तथा कुल 48 रक्तदाताओं ने स्वैच्छिक रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। शिविर में स्वयं लवकेश गुप्ता ने भी रक्तदान किया और लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया।
लवकेश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के जन्मदिन को समाज के लिए उपयोगी बनाने का संकल्प लिया था। इसी सोच के साथ पिछले पांच वर्षों से प्रत्येक वर्ष रक्तदान शिविर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकती है और किसी परिवार की खुशियां बचा सकती है।
शिविर में अधिवक्ता मोहित पाण्डेय ने 14वीं बार रक्तदान कर विशेष उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2012 से नियमित रूप से रक्तदान कर रहे हैं। उनके अनुसार रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाता है, बल्कि यह रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक रक्तदान करने की अपील की।
रक्तदान शिविर में मनोज राठौर, अरुण राठौर, ज्योति गुप्ता, जयंत माथुर, आयुष गुप्ता, सौरभ साहू, रिंकू कुमार, निर्दोष शर्मा, आलोक शर्मा, अमित वार्ष्णेय, हेमंत गुप्ता सहित अनेक युवाओं ने भाग लेकर सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने लवकेश गुप्ता की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि जन्मदिन और अन्य पारिवारिक अवसरों को समाजसेवा से जोड़ा जाए तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यह पहल न केवल रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ा रही है, बल्कि दूसरों को भी सेवा कार्यों के लिए प्रेरित कर रही है।
रक्तदान महादान के संदेश के साथ संपन्न हुआ यह शिविर मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया।


























