लखनऊ: प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लगातार बढ़ रहे जनआक्रोश और विरोध प्रदर्शनों के बीच आखिरकार योगी सरकार को बड़ा फैसला लेना पड़ा। सरकार ने प्रीपेड सिस्टम को खत्म करते हुए सभी स्मार्ट मीटरों को अब पोस्टपेड प्रणाली में बदलने का ऐलान किया है।

पिछले कुछ समय से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में स्मार्ट मीटर को लेकर जनता में नाराजगी लगातार बढ़ रही थी। हालात ऐसे हो गए थे कि आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी लोगों की नाराजगी और विरोध का सामना करना पड़ रहा था। कई जगहों पर प्रदर्शन और हंगामे ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी।

सूत्रों के मुताबिक, बढ़ते जनाक्रोश और इसे लेकर बनते जनआंदोलन ने सरकार को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि यदि समय रहते फैसला नहीं बदला गया तो इसका असर आने वाले चुनावों में भारी पड़ सकता है। इसी के चलते सरकार ने झुकते हुए यह अहम निर्णय लिया।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने लखनऊ स्थित शक्ति भवन में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद बताया कि अब प्रदेश के करीब 70 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। स्मार्ट मीटर अब प्रीपेड नहीं बल्कि पोस्टपेड मोड में काम करेंगे और उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने बिल मिलेगा।

सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में एक महीने के भीतर बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा और उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता पर समाधान किया जाएगा। साथ ही पुराने बकाया को आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है।

गौरतलब है कि आगरा, फतेहपुर, लखनऊ समेत कई जिलों में महिलाओं और उपभोक्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था। कई जगह लोगों ने स्मार्ट मीटर उखाड़कर फेंक दिए थे।

सरकार के इस फैसले को जनता के दबाव और बढ़ते जनआंदोलन के असर के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अब उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

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