बिल्सी। तहसील क्षेत्र के एकमात्र महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर बीएससी कक्षाएं शुरू करने की शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब क्षेत्रीय लोगों ने महाविद्यालय में स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति की मांग उठाई है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि लगभग तीन दशक पूर्व क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने के उद्देश्य से स्थापित इस राजकीय महाविद्यालय में लंबे समय तक केवल कला संकाय की पढ़ाई होती रही। विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। हाल ही में विधायक हरीश शाक्य के प्रयासों से बीएससी कक्षाएं शुरू होने की मंजूरी मिलने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
वहीं अब लोगों का कहना है कि यदि महाविद्यालय में स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति नहीं हुई तो शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। क्षेत्रवासियों ने जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन से इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा सेवा आयोग के माध्यम से जल्द स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति कराए जाने की मांग की है, ताकि महाविद्यालय में पढ़ाई और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।


























