


रिसौली। मेरे राम कथा आयोजन समिति के तत्वाधान में आयोजित “सेवा और संस्कार को समर्पित श्री राम कथा महोत्सव” में रविवार को पांचवें दिवस की कथा का आयोजन भक्ति और श्रद्धा के माहौल में संपन्न हुआ। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीराम के चरित्र का रसपान किया।
कथा वाचक सामाजिक संत रवि जी समदर्शी महाराज ने अपने प्रवचनों में भगवान श्रीराम के अवतार से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि देवताओं की करुण पुकार पर भगवान ने राजा दशरथ को पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया, जिसके लिए पुत्र कामेष्टि यज्ञ संपन्न हुआ और रानियां गर्भवती हुईं।
महाराज ने भगवान श्रीराम के माता कौशल्या के गर्भ में अवतरण, चतुर्भुज रूप में प्रकट होने और माता के आग्रह पर बाल रूप धारण करने की सुंदर लीला का वर्णन किया। साथ ही बाल लीलाओं का आनंद, भगवान शिव के राम दर्शन, तथा शिक्षा ग्रहण करने के प्रसंग को भी विस्तार से बताया—
“गुरु गृह गए पढ़न रघुराई, अल्पकाल सब विद्या पाई”
“प्रातकाल उठि के रघुनाथा, मात-पिता गुरु नवाहिं माथा”
इसके अलावा उन्होंने विश्वामित्र द्वारा राम-लक्ष्मण को साथ ले जाने, ताड़का वध और यज्ञ रक्षा जैसे प्रसंगों का भी भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कार्यक्रम के दौरान कथा यजमान राधेश्याम पाली, पंडित सोनू शर्मा, विपिन कुमार सिंह, आकाश दीप, सतीश कश्यप, भानू चौहान, अवधेश माहेश्वरी, योगेश बजाज, दुष्यंत सोलंकी, अतुल सोलंकी, पवन सिसोदिया, सुनील सिंह, कुलदीप चौहान, पंकज मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, पुनेश भारद्वाज सहित सैकड़ों भक्तों ने श्रद्धापूर्वक आरती उतारी और प्रसाद ग्रहण किया।


























