जिला संवाददाता अरविन्द शर्मा की रिपोर्ट

कासगंज। जिलाधिकारी कासगंज के आदेश के अनुपालन में शहर में लागू की गई वनवे ट्रैफिक व्यवस्था अब यात्रियों के लिए भारी परेशानी का कारण बनती जा रही है। सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत 28 जनवरी से कासगंज शहर में स्थानीय एवं बाहरी डिपो की रोडवेज बसों की एंट्री सोरों गेट से प्रतिबंधित कर दी गई है। इसके चलते सोरों की ओर से आने वाली रोडवेज बसों में यात्रा कर रहे यात्रियों को शहर पहुंचने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

वनवे व्यवस्था लागू होने के बाद रोडवेज बसें यात्रियों को कासगंज शहर से लगभग 4 किलोमीटर पहले बाईपास पर ही उतारने को मजबूर हैं। इससे खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और दैनिक यात्रियों को अत्यधिक परेशानी हो रही है। बाईपास से बस स्टैंड या शहर के अंदर तक पहुंचने के लिए उन्हें निजी साधनों या ऑटो का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त मार पड़ रही है।

उल्लेखनीय है कि पीतल नगरी डिपो मुरादाबाद से संचालित एक रोडवेज बस पिछले करीब दो वर्षों से मुरादाबाद–चंदौसी–बिल्सी–कासगंज–एटा–मैनपुरी रूट पर नियमित रूप से चल रही है। इस बस से मुरादाबाद, चंदौसी, बिल्सी और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग सीधे कासगंज शहर तक का सफर करते रहे हैं। लेकिन वनवे ट्रैफिक लागू होने के बाद अब यही यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

बिल्सी क्षेत्र सहित इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों ने कासगंज प्रशासन से मांग की है कि पीतल नगरी डिपो की इस एकमात्र बस को कासगंज शहर में प्रवेश की अनुमति दी जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।

वहीं मुरादाबाद वाया बिल्सी मैनपुरी रूट पर चलने वाली इस एकमात्र बस सेवा को वर्तमान में कासगंज बाईपास से संचालित किया जा रहा है। यात्रियों की लगातार बढ़ती परेशानी को देखते हुए बस के परिचालक प्रभात कुमार सिंह ने कासगंज डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक से मुलाक़ात कर बस को कासगंज बस स्टैंड तक आने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने पुलिस प्रशासन से वार्ता कर समाधान निकालने का भी अनुरोध किया है।

सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा इस संबंध में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन यात्रियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इस व्यवस्था में कोई राहत प्रदान करता है या नहीं। फिलहाल वनवे ट्रैफिक व्यवस्था यात्रियों के लिए सुविधा कम और परेशानी ज्यादा साबित होती नजर आ रही है।

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