एसडीएम के स्थानांतरण तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार का ऐलान,

बिल्सी।बार एसोसिएशन बिल्सी के अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेमपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि समस्याओं के समाधान को लेकर वे 3 फरवरी 2026 को तथा इससे पूर्व भी उपजिलाधिकारी से मिले, लेकिन इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार व अपमान किया गया। इससे आक्रोशित होकर बार एसोसिएशन ने 6 फरवरी 2026 से उपजिलाधिकारी के न्यायालय में न्यायिक कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है।

ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यप्रणाली को लेकर कई बिंदुओं पर आपत्ति जताई है। आरोप है कि वादों को नियमानुसार दर्ज होने से रोका जा रहा है, सुनवाई के बाद नियत तिथि पर आदेश पारित नहीं किए जाते, निर्धारित समय पर जनता की समस्याएं नहीं सुनी जातीं और वादों को अनावश्यक रूप से डीडी (स्थगन/टालने) किया जाता है। इसके साथ ही फोन न उठाने, राजस्व संहिता की धारा 24 व 38 के मामलों में समय से आख्या तलब न करने तथा प्रत्येक कार्य में सुविधा शुल्क के कथित प्रचलन पर रोक न लगने का आरोप भी लगाया गया है।

अधिवक्ताओं ने सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जों का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन के अनुसार ग्राम रिसौली में साप्ताहिक बाजार की अनुमति से संबंधित आख्या थाना पुलिस द्वारा 28 जनवरी 2026 को रिसीव होने के बाद कथित रूप से गायब कर दी गई, जिस पर उपजिलाधिकारी द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम लोथर परगना कोट तहसील बिल्सी में खाद के गड्ढों की कीमती सरकारी भूमि (गाटा संख्या 127) पर माननीय सिविल जज सहसवान द्वारा पारित स्थगन आदेश (31 जनवरी 2026) के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अवैध निर्माण कराकर कब्जा दिलाने की बात कही गई है।

ज्ञापन में ग्राम इस्लामनगर तहसील बिल्सी की भूमि (कुल रकबा 0.594 हे.) को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि पेड़ लगाने की भूमि श्रेणी में दर्ज उक्त भूमि पर धारा 67 (क) राजस्व संहिता के तहत वाद दर्ज कर 16 अक्टूबर 2025 को कथित रूप से गलत तरीके से आवासीय पट्टे आवंटित कर दिए गए, जिससे सरकार को अपूरणीय क्षति हुई। अधिवक्ताओं का यह भी कहना है कि पूर्व में इसी प्रकार के गलत आवंटन को तत्कालीन उपजिलाधिकारी द्वारा 16 अप्रैल 2016 को निरस्त किया जा चुका है। इसके अलावा राजस्व ग्राम सतेती सहित अन्य गांवों की सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं के अवैध कब्जे और फसल बोए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

बार एसोसिएशन ने मांग की है कि उपरोक्त सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए, समस्याओं का त्वरित समाधान हो और उपजिलाधिकारी (प्रशासन) का स्थानांतरण कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन पर बार एसोसिएशन बिल्सी के अध्यक्ष व सचिव के हस्ताक्षर हैं।

अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्यायालय का बहिष्कार जारी रहेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here