उझानी। नगर में 28 जनवरी को सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इंसानियत को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मामूली गुस्से में एक युवक ने बेजुबान कुत्ते को बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। हैरानी की बात यह है कि घटना के CCTV फुटेज और आरोपी की कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद होने के बावजूद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी को अयोध्या गंज निवासी नदीम पुत्र पप्पू खाने का सामान लेकर गली से गुजर रहा था। इसी दौरान एक गली का कुत्ता उसके हाथ से खाने का सामान छीनकर भाग गया। इस बात से बौखलाए नदीम ने गुस्से में आकर कुत्ते को लाठी से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। मारपीट इतनी निर्मम थी कि कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मृत कुत्ते को उठाकर कहीं फेंक आया।

यह पूरा मामला पशु प्रेमी वीकेंद्र शर्मा के संज्ञान में आया, जिन्होंने उझानी के सक्रिय पशु प्रेमी प्रखर अग्रवाल को घटना की सच्चाई जुटाने के लिए कहा। जांच के दौरान प्रखर अग्रवाल ने जब आरोपी से फोन पर बात की तो उसने इस घटना को स्वीकार कर लिया। इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग प्रखर अग्रवाल के मोबाइल में सुरक्षित है।

इतना ही नहीं, यह पूरी घटना घटनास्थल के पास लगे डॉ. असलम के CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो चुकी है। हालांकि, बताया जा रहा है कि सजातीय मामला होने के चलते CCTV फुटेज देने से इनकार किया जा रहा है, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।

घटना से आक्रोशित पशु प्रेमी प्रखर अग्रवाल, योगेश प्रताप और मनीष शर्मा ने कॉल रिकॉर्डिंग व लिखित तहरीर के साथ कोतवाली उझानी में प्रभारी निरीक्षक को शिकायत सौंपी है। तहरीर में आरोपी के खिलाफ BMS की धारा 325 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA) के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

सूत्रों के अनुसार, प्रारंभ में पुलिस पुख्ता साक्ष्य होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही थी। मामला तब तूल पकड़ गया जब पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के हस्तक्षेप के बाद आरोपी को हिरासत में लिया गया। हालांकि, अब तक उसके खिलाफ कोई स्पष्ट कानूनी कार्रवाई न होने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस मामले को रफा-दफा करने की तैयारी में है?

नगर में पशु प्रेमियों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि अगर इस जघन्य कृत्य में आरोपी को सख्त सजा नहीं मिली, तो यह समाज के लिए बेहद खतरनाक संदेश होगा। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं—क्या बेजुबान को न्याय मिलेगा या मामला फाइलों में दबा दिया जाएगा?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here