उझानी (बदायूं)। | उझानी–सहसवान रोड स्थित ग्राम कुड़ा नरसिंहपुर में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक मेंथा फैक्ट्री के भीतर तीन सिक्योरिटी गार्डों के शव संदिग्ध हालात में मिलने की सूचना सामने आई। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए और फैक्ट्री को चारों ओर से घेर लिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि तीनों सिक्योरिटी गार्डों की हत्या की गई है, वहीं मृतक गार्ड जोगेंद्र के परिजन ने भी लगाया हत्या का आरोप  सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृतकों के परिजन और तमाम ग्रामीण पहुंच गए और हंगामा कर दिया। जोगेंद्र यादव के परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक तीन शवों पर चोट के निशान नहीं हैं। केबिन में हीटर लगा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि दम घुटने से तीनों की मौत हुई होगी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एक शव को बाहर निकालकर एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया, लेकिन इसी दौरान ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ अचानक बढ़ गई। भारी विरोध के चलते फैक्ट्री के केबिन में मौजूद बाकी दो शवों को उठाने से पुलिस को रोक दिया गया। ग्रामीण और परिजन इस मांग पर अड़े हुए हैं कि पहले फैक्ट्री मालिक को मौके पर बुलाया जाए, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होने दी जाएगी।

स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि परिजनों और ग्रामीणों के आक्रोश के सामने पुलिस बेबस नज़र आ रही है। पुलिस लगातार लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन फिलहाल कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा।

ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री में चार सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे, जिनमें से एक गार्ड घटना के बाद से फरार है। इसी कारण संदेह और गहराता जा रहा है। लोगों का सवाल है कि अगर मौत सामान्य थी तो चौथा गार्ड फरार क्यों हुआ। इसी आधार पर ग्रामीण हत्या की आशंका जता रहे हैं।

बैंक में बंधक है यह फैक्टरी 
जानकारी के मुताबिक गांव कुड़ा नरसिंहपुर स्थित मेंथा फैक्टरी बैंक ऑफ बड़ौदा में बंधक है। फैक्टरी कर्मचारियों ने मंगलवार को सुबह केबिन में सिक्योरिटी गार्ड जोगेंद्र यादव (30 वर्ष) पुत्र रामबहादुर निवासी बसावनपुर मुजरिया थाना, भानु यादव (26 वर्ष) पुत्र श्रीपाल निवासी मुड़सैना थाना दातागंज और विवेक यादव को मृत अवस्था में पड़ा देखा।  तीनों के शव जमीन पर पड़े थे।

इसके साथ ही ग्रामीणों ने फैक्ट्री को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि उक्त मेंथा फैक्ट्री बंधक होने के बावजूद कथित तौर पर चोरी-छुपे मेंथा का कारोबार फैक्ट्री मालिक द्वारा किया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि संभव है इसी अवैध गतिविधि का विरोध करने पर तीनों सिक्योरिटी गार्डों की हत्या कर दी गई हो।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन हालात को नियंत्रित करने और शवों को केबिन से बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है, लेकिन ग्रामीण और परिजन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं कि पहले फैक्ट्री मालिक को घटनास्थल पर बुलाया जाए, तभी आगे की कार्रवाई होने दी जाएगी।

फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है और पूरे मामले पर सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।

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