
बदायूं जनपद के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ब्यौर कासिमाबाद गांव में प्रभात फेरी के दौरान हुए लाठीचार्ज प्रकरण में आखिरकार वह हुआ, जिसकी स्वदेश केसरी की ग्राउंड जाँच में पहले ही आशंका जताई गई थी। इस मामले में सीओ बिल्सी संजीव कुमार को पद से हटाकर एसएसपी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि एलआईयू सिपाही प्रशांत चौधरी को निलंबित कर दिया गया है।
शुक्रवार देर रात एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने यह कार्रवाई की। उल्लेखनीय है कि यह इस संवेदनशील मामले में पांचवीं बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले इस्लामनगर थानाध्यक्ष नरेश कुमार, इंस्पेक्टर क्राइम देवेंद्र यादव, हल्का दरोगा अवधेश मिश्रा और बीट सिपाही युग शर्मा को पहले ही लाइन हाजिर किया जा चुका है।
क्या था पूरा मामला
घटना 16 जनवरी की सुबह की है, जब गांव में श्रद्धालु पारंपरिक रूप से प्रभात फेरी निकाल रहे थे। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें उनके निर्धारित मार्ग से जाने से रोका। इसी दौरान खींचतान के बाद लाठीचार्ज कर दिया गया, जिसमें श्रद्धालुओं को चोटें आईं।
वहीं पुलिस पक्ष का कहना था कि जिस मार्ग से प्रभात फेरी निकाली जा रही थी, वह अनुमति रहित था।
गरमाया माहौल, बढ़ता गया दबाव
घटना के बाद क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदूवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। हालात की गंभीरता को देखते हुए गत दिनों भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल (भाजपा जिलाध्यक्ष, सदर विधायक, दातागंज विधायक, बिसौली पूर्व विधायक, बिल्सी विधायक) भी गांव पहुंचा और पीड़ित श्रद्धालुओं से मुलाकात की। इसके बाद पुलिस महकमे पर बड़ी कार्रवाई का दबाब बना।
अभी बाकी है असली रिपोर्ट
इस पूरे मामले में अभी एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट आना बाकी है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट सामने आने के बाद अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि फिलहाल की गई कार्रवाई रुटीन प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
स्वदेश केसरी की ग्राउंड रिपोर्ट जो सच साबित हुई
गौरतलब है कि स्वदेश केसरी की ग्राउंड रिपोर्टिंग में पहले ही संकेत मिल गए थे कि इस मामले में इस्लामनगर थाना प्रभारी के साथ-साथ सीओ बिल्सी पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही थी —जो आज सच साबित हो गई।
अब सवाल यही है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद किन-किन पर और गाज गिरती है, इस पर पूरे जनपद की नजरें टिकी हुई हैं।


























