बिल्सी (बदायूं)। धार्मिक आस्था, सनातन परंपरा और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध बिल्सी—जिसे प्राचीन काल में “मिनी काशी” के नाम से भी जाना जाता रहा है—एक बार फिर भव्य धार्मिक आयोजन की साक्षी बनी। मुख्य बाजार स्थित कुटी मंदिर परिसर में श्री महाकालेश्वर सेवा समिति के तत्वाधान में महाकाल सेवा श्रृंगार के 3 वर्ष पूर्ण होने पर ऐतिहासिक और अलौकिक आयोजन धूमधाम से संपन्न हुआ।

इस पावन अवसर पर बाबा महाकाल की संगीतमय विशेष आरती के साथ-साथ गंगा आरती का भव्य आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यह आयोजन बिल्सी की उस धार्मिक पहचान को और सुदृढ़ करता नजर आया, जिसके चलते यह नगरी वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है।

समिति द्वारा आयोजित 165वें विशेष श्रृंगार के अवसर पर रात्रि 8 बजे बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके पश्चात भागीरथी गंगा घाट, कछला से पधारे विशेष पुरोहितों द्वारा संगीतमय गंगा आरती संपन्न कराई गई, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

महाकाल सेवा श्रृंगार के तीन वर्ष पूर्ण होने की खुशी में समिति की ओर से केक काटकर उत्सव मनाया गया। विशेष आरती के उपरांत भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन में समिति के सदस्य मुन्ना बाबू वार्ष्णेय, कुलदीप वार्ष्णेय, रंजन महेश्वरी, उमेश वार्ष्णेय, सौरव वार्ष्णेय, सांवरिया, सुमित वार्ष्णेय, कुलदीप माथुर सहित अन्य सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। समिति पदाधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालु भक्तों का सादर आभार व्यक्त किया।

यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि बिल्सी की प्राचीन, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को पुनः जीवंत करने वाला साबित हुआ।

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