बदायूं। इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम ब्यौर कासिमाबाद में प्रभात फेरी के मार्ग को लेकर उपजा विवाद पुलिस प्रशासन के लिए बड़ा सवाल बन गया था। वर्षों से शांतिपूर्ण ढंग से चली आ रही धार्मिक परंपरा को अचानक ‘विवादित मार्ग’ घोषित किए जाने से न केवल गांव का माहौल बिगड़ा, बल्कि इस्लामनगर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए।
ग्रामीणों का आरोप था कि बिना किसी पूर्व संवाद, आपसी सहमति या जमीनी सच्चाई को समझे पुलिस द्वारा लिया गया यह निर्णय पूरी तरह एकतरफा था। इससे गांव में अनावश्यक तनाव की स्थिति बनी और आपसी सौहार्द प्रभावित हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
हालात बिगड़ते देख अगले ही दिन वरिष्ठ अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रभात फेरी को ग्रामीणों द्वारा बताए जा रहे परंपरागत मार्ग से शांतिपूर्ण ढंग से निकलवाया। इसके बाद गांव में शांति बहाल हुई और पूरे प्रकरण की जांच एसपी सिटी को सौंप दी गई।
सूत्रों की मानें तो इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए
थाना प्रभारी इस्लामनगर नरेश कुमार, निरीक्षक अपराध देवेंद्र यादव,
उप निरीक्षक अवधेश मिश्रा,
आरक्षी युग शर्मा को पुलिस लाइन स्थानांतरित कर दिया।
यह कार्रवाई इस बात का संकेत मानी जा रही है कि जांच में स्थानीय स्तर पर लापरवाही, संवादहीनता और परिस्थितियों के गलत आकलन की पुष्टि हुई है।
गौरतलब है कि स्वदेश केसरी न्यूज़ ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से पड़ताल करते हुए पहले ही यह सवाल उठाए थे कि- जब वर्षों से प्रभात फेरी उसी मार्ग से निकलती रही है, तो अचानक वह मार्ग विवादित कैसे हो गया?
क्या पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया?
क्या बिना ठोस आधार के धार्मिक परंपरा पर रोक लगाना उचित था?
आज एसएसपी द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद स्वदेश केसरी न्यूज़ की जांच और उठाए गए सवाल पूरी तरह सही साबित हुए हैं। स्थानीय लोगों में अब यह चर्चा आम है कि यदि समय रहते मीडिया द्वारा पुलिस कार्यवाही पर सवाल न उठाए जाते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मामले में संतुलन बनाने का प्रयास किया है, लेकिन यह प्रकरण स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली, संवेदनशील मामलों में संवाद की कमी और निर्णय प्रक्रिया पर एक प्रश्नचिन्ह लगा गया है।


























