
बदायूं।अखिल भारतीय सनातन बोर्ड, जिला बदायूं द्वारा जनपद के नाम परिवर्तन को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संगठन ने जनपद के वर्तमान नाम “बदायूं” को परिवर्तित कर उसके प्राचीन एवं पौराणिक नाम “वेदामऊ” किए जाने की मांग उठाई है। इसी क्रम में आज दिनांक 12 जनवरी 2026, सोमवार को संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एकत्र हुए और माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी को सौंपा।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संगठन ने शासनिक व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए बताया कि जनपद के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव विधानसभा पटल पर रखा जाना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य से एक अलग ज्ञापन क्षेत्रीय विधायक महेश चंद्र गुप्ता को भी सौंपा गया। इस अवसर पर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में आश्वासन दिया कि वह इस पुण्य एवं सकारात्मक विषय को न केवल विधानसभा पटल पर उठाएंगे, बल्कि व्यक्तिगत रूप से भी माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष पूरी मजबूती के साथ रखेंगे।
संगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू ने कहा कि जनपद के नाम परिवर्तन की यह मांग किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह इतिहास में हुई भूल को सुधारने तथा सनातनी वैदिक संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से की जा रही है।
वहीं संगठन के प्रवक्ता सत्यनारायण गुप्ता ने बताया कि हिंदी शब्दावली में “बदायूं” नाम का न तो कोई स्पष्ट शब्दार्थ है और न ही इसका कोई सांस्कृतिक महत्व। उन्होंने कहा कि लंबे कालखंड तक आक्रांताओं के शासन में हमारी संस्कृति और धरोहरों को क्षति पहुंची, और कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश व रजिया सुल्तान जैसे शासकों के समय जिले के पौराणिक नाम वेदामऊ का अपभ्रंश होकर पहले बदाऊं, फिर बदाऊ और अंततः बदायूं हो गया।
कार्यकारिणी प्रमुख उपेंद्र उपाध्याय ने जिले के वर्तमान नाम को अशिक्षा और दमन का प्रतीक बताते हुए इसे जनभावनाओं पर एक प्रकार का कलंक करार दिया, जबकि प्राचीन नाम वेदामऊ को वैदिक संस्कृति और सनातनी परंपराओं का सजीव प्रतिबिंब बताया।
प्रशासनिक कार्य प्रमुख विजय रतन सिंह ने इस ज्ञापन को जनजागृति का एक अनूठा उदाहरण बताते हुए कहा कि “वेदामऊ” नाम से जनपद को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई और गौरवशाली पहचान मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान कार्य अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने उप जिलाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में ज्ञापन का वाचन किया। इसके बाद उन्होंने यह प्रस्ताव रखा कि ज्ञापन महिला कार्यकर्ताओं के माध्यम से सौंपा जाए। प्रस्ताव का सर्वसम्मति से स्वागत किया गया और नारी शक्ति विभाग अध्यक्ष रचना संखघार सहित अन्य महिला कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर डॉ. अमर सिंह, चंद्रदेव वर्मा, सत्यवीर सिंह, राधेश्याम शास्त्री, अश्वनी भारद्वाज, देवकीनंदन शर्मा, शिवम मथुरिया, कृष्ण वीर सिंह, मुनेंद्र राठौर, पूनम सिंह, मणि भदोरिया, राजीव नारायण रायजादे सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


























