अनावश्यक छापेमारी और मानसिक उत्पीड़न का आरोप, कार्रवाई का मिला आश्वासन,

बदायूं। जनपद में कार्यरत रजिस्टर्ड आयुर्वेदिक (BAMS) चिकित्सकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर धन्वंतरि डॉक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में चिकित्सक जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से खुलकर अपनी पीड़ा रखी। यह बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई, लेकिन चिकित्सकों की नाराजगी साफ झलकती रही।

बैठक में चिकित्सकों ने आरोप लगाया कि जनपद में वर्षों से सेवा दे रहे रजिस्टर्ड बीएएमएस डॉक्टरों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है, जिससे वे भय और असमंजस के माहौल में कार्य करने को मजबूर हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इससे न सिर्फ उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की छवि भी प्रभावित हो रही है।

नोडल अधिकारी पर गंभीर आरोप

धन्वंतरि डॉक्टर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. संजीव गुप्ता ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि नोडल अधिकारी डॉ. कुलदीप के विरुद्ध पहले से शिकायत दर्ज है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिकायत प्रमाणित है तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. आशीष शर्मा ने आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी अपने तैनाती स्थल पर मरीजों को देखने के बजाय अधिकतर समय छापेमारी और दबाव बनाने की गतिविधियों में संलग्न रहते हैं, जिससे रजिस्टर्ड चिकित्सकों में भय का माहौल बन गया है।

मानसिक प्रताड़ना का आरोप

नगर अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कश्यप ने कहा कि नोडल अधिकारी का व्यवहार रजिस्टर्ड चिकित्सकों के प्रति अनुचित है। बार-बार की छापेमारी, नोटिस और दबाव के कारण चिकित्सक स्वयं को मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सक समाज सेवा के उद्देश्य से कार्य करता है, लेकिन इस तरह का व्यवहार उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा रहा है।

अधिकारी ने दिया आश्वासन

चिकित्सकों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी ने नोडल अधिकारी डॉ. कुलदीप के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी रजिस्टर्ड आयुर्वेदिक चिकित्सक का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा, और नोडल अधिकारी के माध्यम से भी किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होगी।

भयमुक्त माहौल की मांग

एसोसिएशन के सचिव डॉ. गोपाल वैश्य ने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन के हस्तक्षेप से जल्द ही आयुर्वेदिक चिकित्सकों की समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें भयमुक्त वातावरण में चिकित्सा सेवा देने का अवसर मिलेगा।

बड़ी संख्या में चिकित्सक रहे मौजूद

इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. डी.के. सिंह, संरक्षक डॉ. हसीन, डॉ. अरविंद सक्सेना, डॉ. प्रमोद गुप्ता, डॉ. राजीव गुप्ता, मीडिया प्रभारी डॉ. भीकम सिंह, महासचिव डॉ. सचिन गुप्ता, उपकोषाध्यक्ष डॉ. इश्तियाक, सह उपाध्यक्ष डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. विकास प्रजापति, डॉ. धीरेंद्र सिंह यादव, डॉ. फैजान अली, डॉ. सौरभ राठौर, डॉ. वीरेश उपाध्याय, डॉ. अमरदीप सक्सेना, डॉ. अभिषेक सैनी, डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. अनुभव ठाकुर, डॉ. निशांत गुप्ता, डॉ. प्रशांत गुप्ता, डॉ. मनोज शर्मा, डॉ. गौतम महेश्वरी, डॉ. सौरभ महेश्वरी, डॉ. विशाल चंद्र, डॉ. मोहम्मद तालिब, डॉ. गुलाम मुस्तफा, डॉ. अंबुज मौर्य सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।

चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आगे संगठनात्मक आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे।

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