बदायूं।विश्व हिन्दू परिषद द्वारा आयोजित वंदे मातरम् समारोह सप्ताह के अंतर्गत बुधवार, 19 नवंबर 2025 को भगतसिंह चौक बदायूं में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ।कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अध्यक्ष नीरज रस्तोगी ने शहीद-ए-आजम भगतसिंह की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर किया।
“वंदे मातरम् भारत की आत्मा है” — जिला मंत्री उज्जवल गुप्ता
जिला मंत्री उज्जवल गुप्ता ने वंदे मातरम् पर विस्तृत ऐतिहासिक विचार रखते हुए कहा-“जब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 7 नवंबर 1876 को कांतलपाड़ा गांव में वंदे मातरम् की रचना की थी, तब उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि यह गीत भारत की स्वतंत्रता का घोष बन जाएगा और आजादी के बाद भी राष्ट्रीय एकता की धड़कन बना रहेगा।”
उन्होंने कहा कि-वंदे मातरम् सिर्फ गीत नहीं, मां भारती की आराधना है।1870 के भीषण अकाल और अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के प्रतिकार में यह गीत राष्ट्रभक्ति की भूमि पर जन्मा।बाद में बंकिम चंद्र के उपन्यास आनंद मठ में यह गीत क्रांतिकारियों की आत्मा बनकर उभरा।भवानंद संन्यासी और संन्यासी विद्रोहियों द्वारा यह गीत गाया जाना आज भी प्रेरणा का आधार है।
उन्होंने कहा कि“गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने 1896 के कांग्रेस अधिवेशन में स्वयं वंदे मातरम् गाकर इसे अमर कर दिया।
1905 में बंगाल विभाजन के समय यह गीत करोड़ों भारतीयों का युद्ध-नाद बना।”
उज्जवल गुप्ता ने बताया कि कुछ संगठनों द्वारा सांप्रदायिकता का रंग देने की असफल कोशिशों के बावजूद, कांग्रेस ने वंदे मातरम् के प्रथम दो छंदों को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया, जो आज भी भारत की पहचान और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक हैं।
नगर में देशभक्ति का उल्लास, युवाओं में दिखा जोश
कार्यक्रम में युवाओं, विद्यार्थियों और समाजसेवियों की खास उपस्थिति रही।कार्यक्रम स्थल पर “वंदे मातरम्”, “भारत माता की जय” के जयघोष गूंजते रहे।देशभक्ति गीत और विचारों से पूरा वातावरण ओतप्रोत हो गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से —महेंद्रपाल सिंह, नीरज कोचर, अरविंद गुप्ता, राजेश बाबू, हरिओम पाठक, अमन साहू, अमन शर्मा, वैभव गुप्ता, मयूर गुप्ता, अचल सक्सेना, शुभम रस्तोगी आदि उपस्थित रहे।


























