जनपद बदायूं की सहसवान नगर पालिका परिषद में वर्षों से चर्चाओं में रहे भ्रष्टाचार पर आज बड़ा प्रहार हुआ है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली मण्डल की टीम ने बुद्धवार दोपहर करीब 1:25 बजे नगर पालिका के मानचित्रकार (ड्राफ्टमैन) अंसार हुसैन को ₹8,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्यवाही नगर पालिका कार्यालय स्थित मानचित्रकार कक्ष में ट्रैप योजना के तहत की गई।
निरीक्षक जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में ऑपरेशन सफल
एंटी करप्शन टीम का नेतृत्व कर रहे निरीक्षक जितेन्द्र सिंह ने पूरे प्रकरण को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया।यह कार्रवाई एडीजी, डीआईजी और एसपी, भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुख्यालय लखनऊ के निर्देश पर की गई थी।
दफ्तर व घर की तलाशी—महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बरामद
गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम ने आरोपी अंसार हुसैन के दफ्तर, निवास स्थान की विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान टीम के हाथ कई महत्वपूर्ण फाइलें दस्तावेज लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड सामने आए हैं, जो कई और अनियमितताओं की संभावनाओं की ओर संकेत करते हैं।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अवैध वसूली और फाइल पास कराने के नाम पर घूसखोरी में लिप्त था।
शिकायतकर्ता सिबतेन अली ने की थी शिकायत
शिकायतकर्ता सिबतेन अली ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन को बताया था कि“विकास कार्य की पत्रावली तैयार करने और आगे बढ़ाने के लिए ₹8,000 की रिश्वत मांगी जा रही थी।”शिकायत की पुष्टि होते ही ट्रैप टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर आरोपी को रिश्वत लेते ही पकड़ लिया।
मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया आरोपी,
गिरफ्तारी और तलाशी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने आरोपी के खिलाफ थाना सिविल लाइन, बदायूं में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
कई और कर्मचारी रडार पर स्थानीय नागरिकों में चर्चा तेज
स्थानीय लोगों का कहना है कि सहसवान नगर पालिका में फाइल पास कराने, मानचित्र स्वीकृति,निर्माण से जुड़े कागजात तैयार करने में लंबे समय से भारी भ्रष्टाचार की शिकायतें थीं।अंसार हुसैन की गिरफ्तारी के बाद अब कई और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, जिससे नगर पालिका में खलबली मच गई है।


























