





बरेली। सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग में विद्या भारती बरेली द्वारा आयोजित सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम शुक्रवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर अजिता सिंह तिवारी (बरेली कॉलेज), मुख्य वक्ता प्रोफेसर नीलम गुप्ता (बरेली कॉलेज) तथा प्रांत सह-संयोजिका श्रीमती अर्चना जी ने किया।
“संस्कृति से ही बनेगा सशक्त परिवार”— प्रो. नीलम गुप्ता
मुख्य वक्ता प्रो. नीलम गुप्ता ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि—
“परिवार वह बुनियाद है जो संस्कृति के बोध से समाज को दिशा देता है।”उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बोलते हुए कहा कि—
“हम भारतीय जन्म से मृत्यु तक प्रकृति की गोद में पलते हैं। हमारे त्यौहार भी यही सिखाते हैं कि पर्यावरण का सम्मान और संरक्षण हमारा धर्म है।”
“देश के विकास में महिलाओं की निर्णायक भूमिका”- प्रो. अजिता सिंह तिवारी
मुख्य अतिथि प्रो. अजिता सिंह तिवारी ने कहा कि—महिलाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास देश को मजबूती देता है।शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मरक्षा और उद्यमिता में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी राष्ट्र विकास की आधारशिला है।एक कुशल गृहणी परिवार को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यवहार, संसाधन और संस्कारों से जोड़कर समाज व देश को मजबूत बनाती है।
“नागरिक कर्तव्य जागरण से होगा राष्ट्र का उद्धार”- श्रीमती अर्चना
अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा—“हमें भारतीय संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना हमारा प्रथम नागरिक धर्म है। जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करेगा, तभी राष्ट्र का उद्धार संभव होगा।”
प्रश्नोत्तरी, संकल्प और प्रेरणादायी प्रस्तुतियाँ
प्रियंका द्वारा आयोजित रोमांचक प्रश्नोत्तरी को मातृशक्ति ने खूब सराहा।कार्यक्रम संचालिका नीलम मिश्रा ने सात शक्तियों— कीर्ति, लक्ष्मी, वाणी, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा-को जागृत करने का संकल्प दिलाया।विभिन्न शक्ति रूपों में महारानी लक्ष्मीबाई, कल्पना चावला, अहिल्याबाई होलकर के रूपांतरण ने कार्यक्रम में अद्भुत ऊर्जा भर दी।
अंत में श्रीमती अलका नवीन ने सभी अतिथियों व मातृशक्ति का आभार व्यक्त किया।विद्यालय की समर्पित आचार्याओं ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


























