लखनऊ, 28 अक्टूबर 2025। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ़ एवं चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को 46 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए हैं। सरकार ने कई अहम जिलों और मंडलों में अधिकारियों की अदला-बदली की है, जिनमें मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) जैसे प्रमुख पद शामिल हैं।

नई तबादला सूची के अनुसार आईएएस राजेश कुमार को मिर्जापुर का नया मंडलायुक्त (कमिश्नर) बनाया गया है। वहीं मौजूदा कमिश्नर बालकृष्ण त्रिपाठी का ट्रांसफर कर उन्हें सचिवालय के सामान्य प्रशासन विभाग में सचिव पद पर तैनात किया गया है।

कौशांबी और बलरामपुर के डीएम बदले

प्रशासनिक फेरबदल में कौशांबी और बलरामपुर जिलों के जिलाधिकारी भी बदल दिए गए हैं। नए जिलाधिकारियों की तैनाती से स्थानीय विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। कौशांबी में कृषि और सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देने की योजना है, जबकि बलरामपुर—जो नेपाल सीमा से सटा हुआ जिला है—वहां सुरक्षा और अधोसंरचना पर फोकस रहेगा।

वाराणसी के सीडीओ बने प्रखर सिंह

तबादलों की इस सूची में प्रखर सिंह को वाराणसी का मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नियुक्त किया गया है। वाराणसी जैसे अंतरराष्ट्रीय धार्मिक और पर्यटन केंद्र में उनकी नियुक्ति को सरकार की प्राथमिकता से जोड़ा जा रहा है। उनकी देखरेख में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और गंगा स्वच्छता अभियान को नई गति मिलने की संभावना है।

अन्य अहम बदलाव

  • धनलक्ष्मी को डीजी मत्स्य विभाग (महानिदेशक मत्स्य) बनाया गया है।
  • आईएएस वंदिता श्रीवास्तव को कुशीनगर का सीडीओ नियुक्त किया गया है।
  • आईएएस पूर्ण वोहरा को वाराणसी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
  • आईएएस हिमांशु नागपाल को वाराणसी नगर आयुक्त का पदभार सौंपा गया है।

अर्चना अग्रवाल की वापसी परिवहन विभाग में

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले, 23 अक्टूबर को भी दो आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया था। प्रतीक्षारत अपर मुख्य सचिव अर्चना अग्रवाल को परिवहन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की अध्यक्ष भी बनाई गई हैं।
पहले यह जिम्मेदारी अमित कुमार गुप्ता के पास थी, जिनसे यह प्रभार वापस लेकर अर्चना अग्रवाल को सौंपा गया।

अर्चना अग्रवाल वर्ष 2009–10 में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर रह चुकी हैं। करीब 15 वर्ष बाद उनकी वापसी उसी विभाग में हुई है। वर्तमान में वह अपर मुख्य सचिव पद पर कार्यरत हैं।

वहीं, आईएएस अमित कुमार गुप्ता अपने करियर में अब तक 15 वर्षों की फील्ड सेवा के दौरान 14 बार ट्रांसफर का सामना कर चुके हैं। उनके नाम लिम्का बुक ऑफ नेशनल रिकॉर्ड में “सबसे अधिक जिलों में जिलाधिकारी के रूप में कार्य करने” का रिकॉर्ड दर्ज है।

सरकार का उद्देश्य — प्रशासनिक व्यवस्था में दक्षता और पारदर्शिता

प्रमुख सचिव (नियुक्ति एवं कार्मिक) एम. देवराज ने बताया कि यह तबादला सूची राज्य सरकार की नियमित प्रशासनिक समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। इसमें अधिकारियों की कार्यकुशलता, अनुभव और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि शासन की नीति “उत्पादन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व” पर केंद्रित है, और यह तबादले उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

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