- राज्य मार्ग और राष्ट्रीय हाईवे के दोहरे दबाव से बिल्सी बना यातायात जाम का केंद्र, नवनिर्मित बस स्टेशन से और बढ़ेगी चुनौती
- बिल्सी के चारों ओर रिंग रोड बने तो मिलेगा विकास और सुविधा का दोहरा लाभ,
बिल्सी (बदायूं)। नगर की बढ़ती जनसंख्या और तेज़ी से बढ़ते यातायात के बीच बिल्सी कस्बे के चारों ओर रिंग रोड (परिक्रमा मार्ग) बनाए जाने की मांग अब ज़ोर पकड़ने लगी है। क्षेत्रीय नागरिकों, व्यापारियों और प्रबुद्धजनों का कहना है कि रिंग रोड का निर्माण अब विलासिता नहीं, बल्कि बिल्सी की जरूरत बन चुका है।
बिल्सी नगर से होकर पहले से ही एक राज्य मार्ग (बदायूं-बिजनौर मार्ग) गुजरता है, वहीं अब दूसरा मार्ग हाईवे के रूप में घोषित हो चुका है, जो बिल्सी को सीधे उत्तराखंड से जोड़ेगा। इससे नगर का यातायात दबाव कई गुना बढ़ गया है।
पुराने बाईपास का असर खत्म, फिर लौट आया जाम का युग
करीब तीन दशक पहले नगर के लोगों को राहत देने के लिए एक बाईपास मार्ग बनाया गया था, जिससे मुख्य बाजार से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों को दिशा परिवर्तन की सुविधा मिली थी।
लेकिन बदायूं-बिजनौर राज्य मार्ग के निर्माण और बढ़ते वाहन दबाव के चलते यह राहत दो दशक पहले समाप्त हो गई है।
आज हालात यह हैं कि अंबियापुर चौराहा से लेकर थाना मोड़ और सीताराम मोड़ तक का पूरा क्षेत्र दिनभर जाम से जूझता रहता है।
जहां पहले कभी शहर की आबादी सीमित थी और वाहन कम होते थे, अब वही इलाका ट्रकों, बसों और ट्रैक्टरों की भीड़ से भर गया है।
दुकानदारों, यात्रियों और आम नागरिकों के अनुसार —
“अब तो इस्लामनगर उघैती से बदायूं जाने क़े लिए बिल्सी मे ज़ाम क़े कारण एक घंटे का सफर तीन घंटे में पूरा करना पड़ता है। भारी वाहनों की लाइनें लग जाती हैं और बाजारों में स्टार्ट खडे वाहनों क़े कारण सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है।”
नवनिर्मित बस स्टेशन से और बढ़ेगी शहर की यातायात चुनौती
आपको बताते चलें कि बिल्सी का नवनिर्मित रोडवेज बस स्टेशन खैरी मार्ग पर स्थित है, जो इसी बदायूं-बिजनौर राज्य मार्ग पर बनाया गया है।
निर्माण कार्य चार माह पूर्व पूरा हो चुका है, लेकिन उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ है।प्रबुद्धजनों का कहना है कि बस स्टेशन के उद्घाटन के बाद से शहर में बसों का दबाव और बढ़ेगा।“अगर इस स्थिति में रिंग रोड नहीं बना तो आने वाले समय में बिल्सी में जाम की समस्या विकराल रूप ले लेगी।”
कैसा हो सकता है बिल्सी का प्रस्तावित रिंग रोड
स्थानीय बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने बिल्सी के लिए एक व्यवहारिक रिंग रोड प्रस्ताव तैयार किया है, जो न सिर्फ नगर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान बनेगा बल्कि आसपास के गांवों को भी जोड़ेगा।
क्या हो 7 किलोमीटर लंबे लिंक बाईपास मार्ग का स्वरूप?
बदायूं हाईवे स्थित बैन भट्टे से प्रारंभ होकर, उझानी मार्ग के रायपुर बुजुर्ग होते हुए मुजरिया मार्ग को जोड़ते हुए, ग्राम नैथुआ से खैरी के आगे इस मार्ग को जोड़ा जाए।
यह रिंग रोड न केवल कई गांवों के लिए लिंक रोड का कार्य करेगा, बल्कि बिल्सी के लिए एक स्थायी बाईपास की तरह राहत भी देगा।
सूत्रों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस लिंक रोड का प्रस्ताव अपनी कार्ययोजना में शामिल कर शासन को भेजा है, और प्रारंभिक स्वीकृति लेने की प्रक्रिया चल रही है।
रिंग रोड से मिलेगा विकास को नया आयाम
यदि यह रिंग रोड स्वीकृत होकर बन जाती है, तो इसका लाभ केवल बिल्सी को ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को मिलेगा।
- बिल्सी से होकर गुजरने वाले कछला-शाहाबाद राज्य मार्ग, कासगंज, मुरादाबाद, चंदौसी, वजीरगंज और उझानी मार्गों से कनेक्टिविटी मे कम समय लगेगा और यह यात्रा काफ़ी सुलभ हो जाएगी।
- यात्रियों का सफर कम समय में और बिना जाम के पूरा हो सकेगा।
- नवनिर्मित रोडवेज बस स्टेशन इस रिंग रोड से सीधे जुड़ने पर एक क्षेत्रीय बस टर्मिनल की तरह काम करेगा, जिससे
बिल्सी से मथुरा, हरिद्वार, आगरा, अलीगढ़, एटा और मुरादाबाद तक बस सेवाएं सुगमता से शुरू की जा सकेंगी।
प्रशासन और नेताओं से सवाल
क्षेत्र के लोगों ने सवाल उठाया है कि —
“जब बिल्सी राज्य मार्गों और हाईवे का केंद्र बन चुका है, तो प्रशासन और जनप्रतिनिधि अब इस रिंग रोड निर्माण पर ठोस पहल क्यों नहीं कर रहे ?”
लोगों का कहना है कि नगर की यह समस्या अब केवल स्थानीय नहीं रही, बल्कि राज्य मार्ग यातायात का बड़ा संकट बन चुकी है।
इसलिए सरकार और विधायक हरीश शाक्य को इस विषय पर प्राथमिकता के साथ शासन से स्वीकृति दिलाने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए।


























