बिल्सी। नगर के सिद्धपीठ श्रीबालाजी धाम के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस पर आज श्रद्धालुओं की भीड़ ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। कथा व्यास पुष्कर पीठाधीश्वर स्वामी जगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीरामचन्द्राचार्य जी महाराज ने महाराज परीक्षित द्वारा कलयुग के दमन और श्राप की कथा का दिव्य व्याख्यान करते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

स्वामी जी ने बताया कि महाराज परीक्षित ने कलयुग का दमन किया था, किंतु एक ऋषि का अपमान करने के कारण उन्हें 7 दिन में मृत्यु का श्राप मिला। सातवें दिन तक्षक नाग द्वारा मृत्यु की भविष्यवाणी सुनने के बाद परीक्षित ने अपना राजपाट पुत्र जन्मेजय को सौंप दिया और गंगा तट पर जाकर सुखदेव जी से भगवान का ध्यान करने की विधि जानी। इस प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन सुनकर भक्तगण भावविभोर हो उठे।

जनसैलाब उमड़ा, पंडाल छोटा पड़ा

आज कथा पांडाल में अपार जनसमूह उमड़ा। भक्तों की भीड़ इतनी अधिक थी कि पंडाल छोटा पड़ गया। गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद, कासगंज, पीलीभीत, गजरौला, अलीगढ़, एटा, शाहजहांपुर, रामपुर और हल्द्वानी समेत कई जिलों से आए श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर दिव्यता का अनुभव किया।

बालाजी महाराज का दिव्य नगर भ्रमण

विदित हो कि इस कथा के मुख्य श्रोता स्वयं बालाजी महाराज हैं। वे प्रतिदिन सिद्धपीठ श्रीबालाजी धाम से दिव्य रथ पर नगर भ्रमण कर कथा स्थल पहुंचते हैं और कथा का श्रवण करते हैं। आज भी बालाजी महाराज की दिव्य उपस्थिति ने भक्तों के हृदयों में आस्था का संचार किया।

प्रमुख भक्तों की उपस्थिति

इस अवसर पर महंत मटरुमल शर्मा महाराज, संजीव शर्मा, यश भारद्वाज, रीनू शर्मा, दीपक माहेश्वरी, बाबा स्वतंत्रा राठी, पुष्कीन गांधी, चारु सोमानी, मुकेश गुप्ता, सुभाष चन्द्र बाहेती, कपिल माहेश्वरी, रवि वार्ष्णेय, दिलीप शर्मा, राधेश्याम शर्मा, शरद माहेश्वरी, सोमेन्द्र सोम, तोषनीवाल, छत्रपाल माहेश्वरी, जितेन्द्र वार्ष्णेय, रंजन माहेश्वरी, सौरभ सोमानी, दीपू माहेश्वरी, रोहित शर्मा, कंटू माहेश्वरी, देव वार्ष्णेय, राजेश माहेश्वरी, प्रवीण वार्ष्णेय, मोहित देवल, विशाल भारत खासट, डॉ. राजाबाबू वार्ष्णेय, आशीष वशिष्ठ, हेमचंद्र वशिष्ठ, गोरेलाल शर्मा सहित सैकड़ों भक्तजन मौजूद रहे।

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