


गुवाहाटी। असम की राजनीति में अहम माने जाने वाले बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) चुनाव में भाजपा को करारा झटका लगा है।बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 40 में से 28 सीटों पर जीत हासिल कर परिषद में बहुमत प्राप्त किया, जबकि भाजपा को केवल 5 और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) को 7 सीटें मिलीं।
बीटीसी चुनाव को आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है, ऐसे में यह परिणाम भाजपा के लिए चेतावनी और विपक्ष के लिए संजीवनी साबित हो सकता है। विपक्षी दलों का मानना है कि इस जीत से जनता का रुझान साफ है और आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए राह आसान नहीं होगी।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक बीटीसी चुनाव का असर सीधे 126 में से 19 विधानसभा सीटों पर पड़ता है, यही वजह है कि बीपीएफ की इस जीत से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का मनोबल बढ़ गया है। कांग्रेस को उम्मीद है कि बीपीएफ के साथ तालमेल बनाकर वह भाजपा के खिलाफ मजबूत मोर्चा खड़ा कर सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि मतदाता अब स्थानीय मुद्दों और नेतृत्व को प्राथमिकता दे रहे हैं। भाजपा-यूपीपीएल गठबंधन के लिए यह परिणाम सबक है कि जनता का विश्वास वापस जीतने के लिए उन्हें अतिरिक्त मेहनत करनी होगी।


























