बिल्सी (बदायूं)। शनिवार को बिल्सी तहसील परिसर में आयोजित समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी बदायूं ने जनसमस्याओं को सुना और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उनके साथ उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और क्षेत्राधिकारी (सीओ) भी मौजूद रहे, जिन्होंने उपस्थित लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना।
अवैध कब्जे, मेड़ों के विवाद और नाला निर्माण पर अधिक रही शिकायतें
समाधान दिवस में आई शिकायतों में चक रोडों पर अवैध कब्जों, मेड़ों के झगड़ों, नगर पालिका परिषद बिल्सी द्वारा बनवाए जा रहे नाले के बार-बार ढहने, तथा पेड़ों की अवैध कटान की घटनाओं पर लोगों ने कड़ा ऐतराज जताया।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नगरपालिका क्षेत्र में मानकों की अनदेखी कर निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जिससे जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नाला गिरने के मामले में भी ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
IGRS पंजीकरण में लापरवाही, पावती नहीं मिलने से नाराज़गी
कई शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन द्वारा उनकी शिकायतों को IGRS (जनसुनवाई पोर्टल) रजिस्टर में दर्ज ही नहीं किया जाता, और प्रार्थना पत्र कागजों में ही दबा दिए जाते हैं। साथ ही, शिकायत संख्या या पावती की रसीद नहीं दी जाती, जिससे शिकायतों पर आगे की कोई कार्यवाही नहीं हो पाती।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब तक शिकायत संख्या नहीं दी जाएगी, तब तक शिकायत का निस्तारण और उस पर जवाबदेही तय नहीं हो सकती। इस लापरवाही के लिए उन्होंने जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की मांग भी की।
एडीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
अपर जिलाधिकारी ने सभी समस्याओं को संज्ञान में लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से किया जाए और शिकायतकर्ताओं को पावती संख्या तुरंत उपलब्ध कराई जाए। साथ ही यह भी कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।


























