






बदायूं, 11 जुलाई — उत्तर प्रदेश सरकार की परिषदीय विद्यालयों के मर्जर नीति के खिलाफ बदायूं जनपद में जबरदस्त विरोध देखने को मिला। सरकार की 50 से कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज करने की योजना के विरोध में आज जिले के सभी 15 विकास क्षेत्रों में शिक्षक संघ, अभिभावकों, ग्राम प्रधानों, एसएमसी अध्यक्षों और ग्रामवासियों की एकजुट बैठकें संपन्न हुईं। सभी बैठकों में एक ही स्वर गूंजा—“विद्यालयों को बंद नहीं होने देंगे!”
प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर आयोजित इस विरोध अभियान के अंतर्गत सभी विकास क्षेत्रों के बॉर्डरलाइन विद्यालयों में भारी जनसमर्थन देखने को मिला। माता-पिता, विशेष रूप से माताओं ने चिंता जाहिर की कि छोटे-छोटे बच्चों को दूर के गांवों में भेजना असुरक्षित और असंभव है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को अनसुना किया, तो वे लखनऊ तक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
विकास क्षेत्रों में विरोध की मुख्य झलकियाँ:
- म्याऊं: जिला मंत्री उदयवीर सिंह यादव और ब्लॉक अध्यक्ष राजेश कुमार के नेतृत्व में बघौरा विद्यालय में ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध जताया।
- समरेर: भूंड मजरा करीमगं विद्यालय में ब्लॉक अध्यक्ष संजय यादव और मंत्री गुरुचरण दास के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और मर्जर नीति को शिक्षा विरोधी करार दिया।
- सलारपुर: मौजमपुर छज्जू विद्यालय की बैठक में ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि बच्चों की पढ़ाई के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।
- सहसवान: कमनपुर भूंड में शासन के आदेश के खिलाफ तीव्र आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने कहा कि आदेश वापस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन होगा।
- वजीरगंज: मामई गांव में तहसील प्रभारी विनेश शर्मा और मंत्री सलमान खान के नेतृत्व में हुई बैठक में ग्रामीणों ने राजधानी तक प्रदर्शन की चेतावनी दी।
- दातागंज: कटका छत्तू विद्यालय की बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष पवन यादव और मंत्री माधव सिंह की अगुवाई में ग्रामीणों ने साफ कहा—अबकी बार जवाब जोरदार होगा।
- आसफपुर: मोतीपुरा में ग्राम प्रधानों, एसएमसी सदस्यों की मौजूदगी में बैठक हुई और मर्जर नीति को ग्रामीण विरोधी बताया गया।
- उझानी: नौबत नगला में ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद दीक्षित की अध्यक्षता में ग्रामीणों ने सरकार पर गरीबों से शिक्षा का अधिकार छीनने का आरोप लगाया।
- उसावा: सरन माई में ब्लॉक अध्यक्ष रामसेवक वर्मा और मंत्री अरविंद यादव के नेतृत्व में जोरदार विरोध हुआ।
- बिसौली: नगला झील में ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि इस निर्णय से गांव के भविष्य से खिलवाड़ होगा।
- इस्लामनगर, जगत, कादरचौक, अंबियापुर, दहगवां — इन सभी विकास क्षेत्रों में भी विभिन्न विद्यालयों पर बैठकों के माध्यम से विरोध दर्ज किया गया और ग्रामीणों ने साफ संदेश दिया कि वे अपने गांव के विद्यालय को बंद नहीं होने देंगे।
ग्रामीणों का ऐलान: अब नहीं रुकेगा आंदोलन
बैठकों में हिस्सा लेने वाले शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामवासियों का कहना था कि यह आंदोलन अब केवल मांग नहीं, बल्कि हक की लड़ाई बन चुका है। यदि सरकार ने मर्जर नीति पर पुनर्विचार नहीं किया, तो जिले भर के ग्रामीण राजधानी तक मार्च करेंगे।


























