लखनऊ, 11 जुलाई 2025 — उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा 11 जुलाई को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए प्रदेश के सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि पंचायतों की निर्वाचक नामावलियों का वृहद् पुनरीक्षण आगामी तय कार्यक्रम के अनुसार किया जाए।

राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह द्वारा हस्ताक्षरित इस अधिसूचना के अनुसार, मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया 18 जुलाई 2025 से प्रारंभ होकर 15 जनवरी 2026 तक चलेगी। इस दौरान राज्य के सभी जिलों में ग्राम पंचायतों के स्तर पर मतदाता नामों का संशोधन, परिवर्धन और विलोपन किया जाएगा।

नामावली पुनरीक्षण के मुख्य चरण इस प्रकार हैं:

क्रमप्रक्रियातिथि
1विलोपन एवं मतदाता सूची की प्रारंभिक तैयारी18 जुलाई से 13 अगस्त 2025
2बी.एल.ओ. का प्रशिक्षण एवं सामग्री वितरण14 अगस्त से 29 सितम्बर 2025
3घर-घर सर्वेक्षण एवं पांडुलिपि तैयार करना14 अगस्त से 22 सितम्बर 2025
4ऑनलाइन आवेदन और जांच23 सितम्बर से 29 सितम्बर 2025
5हस्तलिखित सूची कार्यालय में जमा30 सितम्बर से 6 अक्टूबर 2025
6कंप्यूटरीकरण कार्य7 अक्टूबर से 24 नवम्बर 2025
7ड्राफ्ट सूची का प्रकाशन5 दिसम्बर 2025
8दावे/आपत्तियाँ व उनका निस्तारण6 दिसम्बर से 19 दिसम्बर 2025
9पूरक सूची का कम्प्यूटरीकरण व अंतिम प्रकाशन20 दिसम्बर से 15 जनवरी 2026

जनपद स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी इस पुनरीक्षण कार्यक्रम का व्यापक प्रचार करें। यह सूचना प्रमुख समाचार पत्रों, कार्यालयों के सूचना पटों और पंचायत भवनों पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए।

इसके साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि कार्यक्रम के दौरान पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाशों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे और कोई भी कार्य समयसीमा से बाहर नहीं जाएगा। यह आदेश विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है कि आगामी पंचायत चुनाव निष्पक्ष, अद्यतन और समावेशी मतदाता सूची के आधार पर संपन्न हो।

युवाओं से की गई विशेष अपील

इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत 1 जनवरी 2025 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी नागरिकों को निर्वाचक नामावली में शामिल किया जाएगा। आयोग ने युवाओं से अपील की है कि वे अपना नाम जुड़वाने हेतु बीएलओ या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन अवश्य करें।

प्रदेश स्तरीय समन्वय और निगरानी सुनिश्चित

इस अधिसूचना की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश शासन के सभी प्रमुख विभागों को भेजी गई है, जिनमें मुख्य सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, पंचायतीराज विभाग, गृह विभाग, पुलिस महानिदेशक, मण्डलायुक्त आदि शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि राज्य निर्वाचन आयोग इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर अत्यंत गंभीर और सतर्क है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त का संदेश

राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने कहा है,

“मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। यदि इसमें एक भी त्रुटि होती है तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लग सकता है। हम हर पात्र नागरिक को मताधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

आगे की तैयारी और संभावित चुनाव की झलक

विशेषज्ञों के अनुसार, यह वृहद पुनरीक्षण कार्यक्रम आगामी पंचायत चुनावों की ठोस नींव रखने वाला चरण है। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही पंचायत चुनाव की अधिसूचना संभावित रूप से फरवरी-मार्च 2026 में जारी हो सकती है।

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