

बरेली जनपद के मीरगंज तहसील क्षेत्र के जाम गांव निवासी मनोज कुमार पुत्र कृष्ण पाल ने संत प्रेमानंद जी महाराज से मिलने का संकल्प लेकर दंडवत यात्रा शुरू की थी। यह यात्रा अब जनमानस में श्रद्धा, आस्था और प्रेरणा का प्रतीक बन गई है। 20 जून को मीरगंज से शुरू हुई यह कठिन यात्रा अब तक 27 दिन में आंवला और वजीरगंज होते हुए 16 जुलाई की रात 10 बजे बिल्सी नगर पहुंची, जहां नगरवासियों ने उनका श्रद्धा से स्वागत किया।
मनोज कुमार के साथ सहयात्री दुर्वेश एवं धर्मवीर भी इस तपस्वी मार्ग में उनके साथ हैं। उन्होंने बताया कि वे संत प्रेमानंद जी महाराज के विचारों से अत्यंत प्रभावित हैं और उनके चरणों में पहुंचकर राधा अष्टमी (31 अगस्त) को वृंदावन धाम में भेंट करेंगे।
बिल्सी नगर में जैसे ही उनकी यात्रा की सूचना फैली, स्थानीय शिवभक्तों व श्रद्धालुओं की भीड़ उन्हें देखने और आशीर्वाद लेने के लिए उमड़ पड़ी। नगर में जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर और जलपान कराकर दंडवत यात्रियों का स्वागत किया।
यात्रियों ने रात्रि विश्राम थाना क्षेत्र के नगला जाटान गांव में किया। बिल्सी में प्रवास के दौरान मनोज कुमार ने कहा कि यह यात्रा शारीरिक कठिनाइयों से अधिक आध्यात्मिक साधना है और संत प्रेमानंद जी से मिलने की भावना ही उन्हें हर कष्ट सहने की शक्ति देती है।


























