
बिल्सी: नगर में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा उदाहरण नगर पालिका द्वारा निर्माणाधीन रोडवेज बस स्टेशन के निकट बनाए गए नाले का एक हिस्सा है, जो मानसून की पहली हल्की बारिश में ही भरभराकर ढह गया। यह दृश्य न सिर्फ प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा भी दर्शाता है।
नगर के इस्लामनगर स्टैंड स्थित रोडवेज बस स्टेशन के पास, अगोल गांव को जाने वाले मुख्य मार्ग पर नगर पालिका परिषद द्वारा एक बड़े नाले का निर्माण कार्य कराया गया है। यह नाला अभी पूर्ण रूप से चालू भी नहीं हुआ था, कि रविवार की रात आई हल्की बारिश ने इसकी गुणवत्ता की पोल खोल दी। बारिश के कुछ ही घंटों बाद नाले की दीवारें दरक गईं और एक हिस्सा पूरी तरह ढह गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नाले के निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग नहीं किया गया। सीमेंट-बालू और सरिया जैसी महत्वपूर्ण सामग्री में भारी घटिया किस्म का प्रयोग किया गया है। स्थानीय नागरिकों ने इसे गंभीर भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री स्तर से तत्काल जांच कराने की मांग की है।
नगरवासियों का कहना है कि जब बारिश की एक बूंद भी सही से न सह सके ऐसा निर्माण, तो आने वाले दिनों में तेज बारिश में यह नाला किस कदर नुकसान पहुंचा सकता है, इसकी कल्पना से ही डर लगता है। जनता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस प्रकरण का संज्ञान लेने और दोषी ठेकेदार, अभियंता एवं पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जनता की मांगें:
- निर्माण कार्य की जांच कराई जाए।
- जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज हो।
- नाले को दोबारा मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण ढंग से बनाया जाए।
- भविष्य में नगर के सभी निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित की जाए।
इस घटना ने नगरवासियों के मन में यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या विकास कार्यों के नाम पर हो रहा सरकारी धन का बंदरबांट कभी रुकेगा? अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस भ्रष्टाचार पर क्या कार्रवाई करता है।


























