
बरेली। अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल बदायूं द्वारा लगातार किए जा रहे नियमविरुद्ध उत्पीड़न, मनमाने निलंबन और जबरन तबादलों के खिलाफ राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन का विरोध बुधवार को भी जारी रहा। विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखते हुए यह आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक और शांतिपूर्ण रहा, जिसमें उपभोक्ताओं को कोई असुविधा नहीं होने दी गई।
1 मई को विरोध प्रदर्शन बरेली के मुख्य अभियंता कार्यालय के समक्ष किया गया, जिसमें बदायूं, शाहजहांपुर, बरेली व पीलीभीत के सभी अवर अभियंता व प्रोन्नत सहायक अभियंता भारी संख्या में शामिल हुए। अभियंताओं ने एक स्वर में अधीक्षण अभियंता बदायूं, शाहजहांपुर व पीलीभीत द्वारा किए जा रहे मनमाने और अपमानजनक कार्यों का विरोध किया।
बिल्सी प्रकरण बना आंदोलन की जड़
सभा में वक्ताओं ने बताया कि बिल्सी तहसील में बीते 10 अप्रैल को बंदर के कूदने से दो ट्रांसफॉर्मर (250 केवीए और 400 केवीए) जल गए थे। बिजली बाधित हो जाने के बावजूद, अवर अभियंता और उपखंड अधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए ट्रांसफॉर्मर बदले और उपभोक्ताओं को फिर से आपूर्ति बहाल की। इसके बावजूद दोनों अधिकारियों को बिना पक्ष लिए और बिना जांच के निलंबित कर दिया गया, जो सरासर अन्यायपूर्ण है।
सामग्री की मांग पहले ही की जा चुकी थी
वक्ताओं ने बताया कि क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मर की स्थिति से पहले ही अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर आवश्यक सामग्री की मांग की जा चुकी थी, लेकिन समय से सामग्री न मिल पाने के कारण यह क्षति हुई। इसके बावजूद जुर्माना और कार्रवाई केवल फील्ड पर तैनात कर्मचारियों पर थोपा गया।
पदाधिकारियों का स्थानांतरण कर दबाव बनाने का प्रयास
विरोध कर रहे अभियंताओं ने बताया कि जब संगठन ने उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई तो अधीक्षण अभियंता बदायूं द्वारा बदायूं शाखा के चार पदाधिकारियों – जनपद अध्यक्ष धर्मात्मा कुमार, सचिव रवि कुमार, उपाध्यक्ष रणवीर कुमार एवं प्रचार सचिव रजनीश सिंह का स्थानांतरण कर दिया गया।
विद्युत सेवा बाधित नहीं, आंदोलन जारी रहेगा
क्षेत्रीय सचिव धर्मेंद्र कुमार और अध्यक्ष आर.के. शर्मा ने स्पष्ट किया कि जेई संगठन की लड़ाई उपभोक्ताओं के खिलाफ नहीं बल्कि गलत प्रशासनिक रवैये के खिलाफ है। आंदोलन के बावजूद सभी अभियंता दिन-रात उपभोक्ताओं की समस्याओं को हल करने में लगे हैं। आज भी खराब ट्रांसफॉर्मरों को बदला गया।
संगठन की मांगें
विरोध कर रहे अभियंताओं ने मांग की कि –
- सभी निलंबन और स्थानांतरण आदेश तत्काल वापस लिए जाएं।
- अधीक्षण अभियंता बदायूं के खिलाफ विभागीय जांच की जाए।
- अभियंताओं की बात बिना सुने कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
सभा में केके माहेश्वरी सहित कई वरिष्ठ अभियंताओं ने भी संबोधित किया और आंदोलन को मजबूती से जारी रखने की बात कही। विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक उत्पीड़न की कार्यवाहियाँ रोकी नहीं जातीं।


























