



बदायूं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर जनपद बदायूं में आज हजारों शिक्षकों ने एकजुट होकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन किया। शिक्षक अपनी पुरानी पेंशन बहाली सहित कुल 14 सूत्रीय मांगों को लेकर दोपहर 12 बजे से जुटने लगे और देखते ही देखते बीएसए कार्यालय परिसर शिक्षकों के नारों से गूंज उठा। धरने का नेतृत्व जिलाध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रचार मंत्री संजीव शर्मा ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हादसे पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। इसके बाद सरिता शर्मा ने मां शारदे की वंदना प्रस्तुत की।
धरने में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से शिक्षक भारी संख्या में पहुंचे और अपनी-अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान कई ब्लॉक अध्यक्षों, जिला पदाधिकारियों व संघर्ष समिति के नेताओं ने मांगों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी।
वक्ताओं की प्रमुख बातें:
- डॉ. पंकज पाठक (ब्लॉक अध्यक्ष, जगत) ने कहा कि यदि संगठन ने दबाव न बनाया होता तो एनपीएस में संशोधन संभव न होता। पुरानी पेंशन की लड़ाई अगर इसी तरह मजबूती से लड़ी गई तो सरकार को झुकना ही पड़ेगा।
- रामसेवक वर्मा (उसावा) ने कहा कि संगठन तन-मन-धन से शिक्षकों की लड़ाई लड़ेगा।
- रमेश बंधु (सहसवान) ने कहा कि पुरानी पेंशन सभी के लिए बहुत जरूरी है।
- अनिल ठाकुर (आसफपुर) ने कहा, “पुरानी पेंशन हमारे बच्चों का हक और हमारे बुढ़ापे की लाठी है।”
- बृजेश यादव (कादरचौक) ने उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ को वटवृक्ष बताते हुए कहा कि यही संगठन शिक्षकों के हितों का सच्चा संरक्षक है।
काव्य और जोशीले नारों से गरमाया माहौल: ससरेर मंत्री गुरचरण सिंह ने काव्यात्मक अंदाज में जोश भरा: “सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है।”
प्रमुख महिला नेतृत्व भी रहा सक्रिय: राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका सीमा राजा ने दातागंज में एक शिक्षक के साथ हुई घटना पर संगठन की तत्परता की सराहना की।
वजीरगंज मंत्री सलमान खान ने नारा दिया:
“परिवर्तन की लहर चली है, परिवर्तन लाना है,
पुरानी पेंशन एकजुट होकर वापस लाना है।”
संघर्ष के लिए एकजुटता का आह्वान:
- मधुकर उपाध्याय (बिसौली) ने नवनियुक्त शिक्षकों को संगठन से जुड़ने और संघर्ष करने का आह्वान किया।
- अनुराग यादव (जिला उपाध्यक्ष) ने कहा कि शिक्षक मातृशक्ति का साथ पाकर हर लक्ष्य को पा सकते हैं।
- शैलेंद्र सिंह राघव (इस्लामनगर) ने शिक्षक संघ के इतिहास को याद करते हुए कहा कि जब पंचायतों को शिक्षक की उपस्थिति सत्यापित करने का अधिकार दिया गया था, तब भी संगठन ने लड़ाई लड़ी और सम्मान वापस पाया।
- उदयवीर सिंह यादव (जिला महामंत्री) ने कहा:
“सीढ़ियां उन्हें मुबारक जिन्हें छत तक जाना है,
हमारी मंज़िल तो आसमान है, हमें रास्ता खुद बनाना है।”
ज्ञापन सौंपा गया, जल्द समाधान का मिला आश्वासन: वक्ताओं के संबोधन के बाद शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित 14 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह को सौंपा। साथ ही, जिले में लंबित शिक्षकीय प्रकरणों पर भी ध्यान दिलाया गया, जिस पर बीएसए ने शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।
जिला अध्यक्ष संजीव शर्मा ने समस्त आगंतुक शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक सरकार शिक्षकों की मांगें पूरी नहीं करती, संगठन कदम पीछे नहीं हटाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन हर शिक्षक के साथ है और किसी भी प्रकार की समस्या में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।प्रमुख शिक्षक नेता, ब्लॉक अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष, संघर्ष समिति और जिले के हजारों शिक्षक-शिक्षिकाएं धरने में शामिल रहे।


























