उझानी।बदायूं जिले के कस्बा उझानी में बुधवार रात मैंथा फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने गुरुवार सुबह तक विकराल रूप ले लिया। रात 10:30 बजे शुरू हुआ हादसा गुरुवार तड़के तक कंट्रोल में नहीं आ सका। फायर ब्रिगेड की 9 से 11 गाड़ियां, पुलिस-प्रशासन, पीएसी और मेडिकल टीमें रातभर जुटी रहीं, लेकिन आग काबू से बाहर रही।

चिमनी गिरी और फैक्ट्री धधक उठी

दिल्ली हाईवे पर स्थित मनोज गोयल की मैंथा फैक्ट्री में हादसे की शुरुआत 24 फीट ऊंची चिमनी के तेज आंधी में गिरने से हुई। इसके बाद फैक्ट्री में धमाके के साथ आग फैल गई। चर्चा है कि फैक्ट्री में दर्जनों मजदूर काम कर रहे थे, लेकिन कितने बाहर निकले और कितने फंसे, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

लपटें गैस गोदाम तक पहुंचीं, अफसर भाग खड़े हुए

रात तीन बजे के करीब लपटें गैस गोदाम तक पहुंचीं तो वहां मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी भाग खड़े हुए। फैक्ट्री में रखे नाइट्रोजन गैस सिलेंडर लगातार धमाकों के साथ फटते रहे। लोहे के टावर मोम की तरह पिघलकर गिरते नजर आए।

गांव खाली कराए गए, खेत भी जले

आग की भीषणता इस कदर थी कि पास के गांव कुड़ा नरसिंहपुर को खाली कराना पड़ा। सौ से ज्यादा परिवारों को रात में शिफ्ट किया गया। आग फैक्ट्री के पीछे के खेतों तक पहुंच गई, जिससे किसानों की फसलें राख हो गईं। ग्रामीणों ने आधी रात को जानवरों को खोलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

लापता मजदूर की तलाश में परिवार बेहाल

मुजरिया इलाके का रहने वाला मुनेंद्र नाम का युवक लापता है। उसके दो भाई सकुशल बाहर निकल आए, लेकिन मुनेंद्र की कोई खबर नहीं। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस के पास भी मुनेंद्र के बारे में कोई जवाब नहीं है।

गेट के भीतर नहीं घुस पाई फायर टीम

रात दो बजे तक फायर ब्रिगेड फैक्ट्री के गेट तक ही सीमित रही। भीतर की आग इतनी तेज थी कि कोई घुस ही नहीं सका। हवा ने हालात और बिगाड़ दिए। पानी की बौछारें हवा में उड़ रहीं थीं।

फोम लेदर जैकेट से लैस टीम बुलाई गई

बरेली से विशेष फायर ब्रिगेड टीम मंगाई गई है, जो फोम लेदर जैकेट से लैस है और अंदर घुसकर आग पर काबू पाने की कोशिश करेगी। लेकिन अब तक नौ गाड़ियां केवल बाहर से ही पानी डालकर लौट रही थीं।

मेडिकल कॉलेज अलर्ट, 100 बेड रिजर्व

राजकीय मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखा गया है। यहां 100 बेड रिजर्व किए गए हैं। 20 से 25 एंबुलेंस मौके पर मौजूद हैं ताकि घायलों को तत्काल इलाज मिल सके।

शासन ने मांगा जवाब, अफसरों की बढ़ी टेंशन

इस हादसे की गूंज लखनऊ तक पहुंच चुकी है। शासन ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है। हालांकि आग कैसे लगी, मजदूरों की क्या स्थिति है, कितने घायल हैं… इन सवालों के जवाब में अफसर चुप्पी साधे हुए हैं।

भीड़ रोकने तक सिमटी पुलिस

एसपी सिटी, सीओ उझानी, पीएसी और भारी पुलिस बल मौके पर है, लेकिन पुलिस की भूमिका सिर्फ रूट डायवर्जन और भीड़ को रोकने तक सीमित रही। दिल्ली हाइवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया है और लोगों को बाइपास पर ही रोक दिया गया है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस हादसे से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। वे फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासन की लापरवाही को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि अगर समय रहते उचित कदम उठाए गए होते तो इस हादसे को टाला जा सकता था।

जांच जारी

फिलहाल आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा और लापता मजदूर का पता लगाया जाएगा।

उझानी की मैंथा फैक्ट्री में लगी आग ने एक बार फिर से औद्योगिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। इस हादसे से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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