
बिल्सी (स्वदेश केसरी)। श्री राम चंद्र मिशन, हार्टफुलनेस संस्था और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को तहसील बिल्सी सभागार में तीन दिवसीय ‘एकात्म अभियान’ शिविर का शुभारंभ उपजिलाधिकारी श्री रिपुदमन सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्हें संस्था की ओर से ‘द हार्टफुलनेस वे’ पुस्तक भेंट की गई।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में एसडीएम श्री सिंह ने योग की परिभाषा देते हुए कहा, “योगः चित्तवृत्ति निरोधः”, अर्थात् योग मन के उतार-चढ़ाव का नियंत्रण है। उन्होंने मानसिक विकास में ब्राइटर माइंड्स तकनीक की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों की योग्यता को केवल अंकों से नहीं आंका जा सकता। कई सफल व्यक्तित्वों ने बिना उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के भी अपने क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों को छुआ है।
ध्यान की वैज्ञानिक विधि से तनावमुक्ति संभव
जिला पूर्ति अधिकारी श्री रमन मिश्र ने ध्यान अभ्यास के सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा करते हुए बताया कि नियमित ध्यान से मानसिक शांति और निर्णय क्षमता में सुधार आता है। वहीं पूर्ति निरीक्षक श्री धीरज गुप्ता ने ध्यान को एक सरल व वैज्ञानिक विधि बताते हुए इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की बात कही।
कृषि में जैविक प्रयोगों की जानकारी
संस्था के जोनल कोऑर्डिनेटर अनुज सक्सेना ने उपस्थित किसानों को वायोचार और पंचगव्य निर्माण की विधियां सरल शब्दों में समझाईं। उन्होंने बताया कि पराली, खरपतवार जैसी कृषि अवशेषों से पायरोलिसिस तकनीक द्वारा बिना ऑक्सीजन जलाकर कार्बन युक्त जैविक चारकोल (वायोचार) बनाया जाता है, जो मिट्टी की नमी और पोषण बनाए रखता है तथा फसल उत्पादन में 32% तक वृद्धि करता है।
बच्चों का अद्भुत प्रदर्शन
शिविर में बालक सहज द्वारा ब्राइटर माइंड तकनीक के अंतर्गत आंखों पर पट्टी बांधकर की गई ब्लाइंड फोल्ड एक्टिविटी ने सभी को चकित कर दिया। उसने वस्तुओं के रंग पहचाने, पढ़कर सुनाया और अपनी विलक्षण प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में नायब तहसीलदार श्री बदन सिंह, हार्टफुलनेस स्वयंसेवक कीर्ति गोयल सहित अनेक गणमान्यजन एवं स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। आयोजकों ने आगामी दो दिवस में अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया।


























