होम राज्य उत्तर प्रदेश बिल्सी में हुआ ‘होली के रंग, कवियों के संग’ विराट कवि सम्मेलन

बिल्सी में हुआ ‘होली के रंग, कवियों के संग’ विराट कवि सम्मेलन

बिल्सी। कस्बे के पद्मांचल जैन मंदिर प्रांगण में उत्तर प्रदेश हिंदी साहित्य सेवा समिति के तत्वावधान में ‘होली के रंग, कवियों के संग’ विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम के संयोजक मृगांक कुमार जैन व सहसंयोजक प्रशांत कुमार जैन रहे, जबकि अध्यक्षता नरेंद्र कुमार गरल ने की।

संस्था के अध्यक्ष कवि विष्णु असावा ने बताया कि इस कवि सम्मेलन में प्रदेशभर से 30 से अधिक कवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन अचिन मासूम ने किया, जो सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चला।

कवियों ने होली के रंग में डूबे शानदार काव्य पाठ किए

  • प्रभाकर सक्सेना (बदायूं)“होली आई रे देखो होली आई रे…”
  • अमित अंबर (उसावां, बदायूं)“हरकतों से बाज आना छोड़ दे…”
  • ओजस्वी जौहरी“खुशहाली ही खुशहाली हो लक्ष्य साधा है…”
  • आकाश पाठक (बिसौली, बदायूं)“वैर न किसी से करें, सभी से प्रेम रखें…”
  • अतुल कुमार शर्मा (संभल)“लोग सांपों को भी अपनी आस्तीन में पालते हैं…”
  • विष्णु असावा (बिल्सी)“तुम भी उस पर डालो गुलाल जिसने रंग डाला है…”
  • अमित यादव ‘श्याम’ (चंदौसी)“राम कृपा ते नर तन पायो, मिलती दया सदैव नहीं है…”
  • विवेक यादव अज्ञानी“मिलेंगे अब चलो फिर से पुराने यार होली में…”
  • शैलेन्द्र मिश्र देव“गुड़ से परहेज़ तो था किया उम्र भर, आज लेकिन पसंद गुलगुले हो गए…”
  • उज्ज्वल वशिष्ठ (बदायूं)“हर तरफ़ है गुलाल की ख़ुशबू, है फ़िज़ा ख़ुशगवार होली में…”

सम्मान और समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों को प्रतीक चिन्ह, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर ‘ट्री मैन’ प्रशांत जैन द्वारा सम्मानित किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. श्रीकृष्ण गुप्ता, डॉ. नीरज अग्निहोत्री, कवि सोमनाथ सोम दादा, अमनदीप उपाध्याय, संदीप मिश्रा आदि का विशेष योगदान रहा।

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