बिल्सी। सात वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अपराध करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एवं स्पेशल जज पोक्सो एक्ट दीपक यादव की अदालत ने आरोपी ज़ाने आलम को दोषी माना है,
महज 5 महीने में पूरा हुआ ट्रायल, अदालत कल सुनाएगी अपना फैसला
इस सनसनीखेज मामले की सुनवाई मात्र पांच महीनों में पूरी हो गई, जो न्यायिक प्रक्रिया की तेजी का प्रतीक है। विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी ने बताया कि 18 अक्टूबर 2024 को बिल्सी कस्बे में हुई इस घटना में सात वर्षीय मासूम बच्ची, जो कक्षा तीन की छात्रा थी, दोपहर में बाजार गई थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटी।
रात करीब 10 बजे बच्ची का शव एक खंडहरनुमा मकान में मिला, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना स्थल के आसपास लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जिसमें आरोपी को अपने साथ लड़की को ले जाते दिखा जिसकी पहचान करा कर उसे देर रात्रि मे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
जल्द न्याय की मिसाल बनेगी सज़ा,समाज में जायेगा अपराध के प्रति सख्त संदेश
इस मामले में त्वरित सुनवाई और कठोर सजा से यह स्पष्ट हो गया है कि न्यायिक प्रक्रिया अब अधिक प्रभावी हो रही है और अपराधियों को कानून से बचने का कोई मौका नहीं मिलेगा। इस फैसले से बिल्सी और आसपास के क्षेत्र में न्याय के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है और यह समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि कानून से बच पाना असंभव है।


























