

दिल्ली।देशभर में 31 मार्च को ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस्लामिक सेंटर के मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने औपचारिक रूप से चांद दिखने की पुष्टि कर दी है। ईद-उल-फितर का पर्व रमजान के मुकम्मल होने के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाया जाता है।
इस बार रमजान के रोजों के पूरा होने के बाद भारत में सोमवार को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। इससे पहले, शनिवार को सऊदी अरब में चांद नजर आया था, जहां रविवार को ईद मनाई जा रही है। रमजान के समापन पर यह त्योहार विशेष रूप से खुशी और उत्सव का प्रतीक होता है। भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य कई देशों में भी ईद कल मनाई जाएगी।
रूयत-ए-हिलाल कमेटी, इमारत-ए-शरिया हिंद की बैठक आज शाम नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें नायब अमीर-ए-शरीअत, हज़रत मौलाना मुफ़्ती ज़कावत हुसैन क़ासमी की अध्यक्षता में ईद की तारीख की घोषणा की गई। कमेटी ने शरीअत के अनुसार 29वीं तारीख की रूयत को साबित मानते हुए यह ऐलान किया कि 1 शव्वालुल मुक़र्रम 1446 हिजरी, यानी 31 मार्च 2025 (सोमवार) को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी।
ईद के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग नए कपड़े पहनते हैं, मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करते हैं और घरों में विशेष रूप से सेवइयां बनाई जाती हैं। इस्लाम में ईद को रमजान के बाद अल्लाह का इनाम माना जाता है।
बिल्सी में भी ईद की तैयारियां पूरी
बिल्सी में भी चांद दिखने की पुष्टि के बाद सोमवार को ईद मनाई जाएगी। जामा मस्जिद के शाही इमाम असरार उल हक ने चांद दिखने की घोषणा की है। बिल्सी ईदगाह में सुबह 8:30 बजे और जामा मस्जिद में 9:00 बजे ईद की नमाज अदा की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। ईदगाह पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
देशभर में मस्जिदों और ईदगाहों में भारी संख्या में लोग ईद की नमाज अदा करेंगे। ईदगाहों और बाज़ारों में विशेष चहल-पहल देखने को मिल रही है। विभिन्न शहरों में पारंपरिक पकवानों और मिठाइयों का दौर चलेगा और लोग एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाइयां देंगे।


























