बिल्सी। बसंत ऋतु के आगमन पर बाबा इंटरनेशनल स्कूल में बसंत पंचमी पर्व बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय, निदेशिका साधना वार्ष्णेय और प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को प्रसाद वितरित किया गया।
पीले वस्त्रों में सजे बच्चों ने किया मंत्रमुग्ध
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पीले रंग के आकर्षक परिधान धारण कर सभी का मन मोह लिया। इस दौरान बच्चों ने बसंत पंचमी के महत्व पर आधारित रचनात्मक गतिविधियों में भाग लिया। शिक्षकों ने बच्चों को बसंत पंचमी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की जानकारी दी। इस अवसर पर बच्चों ने रंग-बिरंगी पतंगें बनाईं और उन्हें उड़ाने की कला सीखी।
विद्यालय के अधिकारियों और शिक्षकों ने दिए प्रेरणादायक संदेश
विद्यालय के डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय ने कहा,
“माँ सरस्वती का जन्मदिन बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है, जो पतझड़ के बाद नई उमंग और उल्लास लेकर आता है। इस दिन हमें ज्ञान और विद्या की देवी माँ सरस्वती से प्रखर बुद्धि और सच्चे ज्ञान की प्रार्थना करनी चाहिए।”
विद्यालय की निदेशिका साधना वार्ष्णेय ने कहा,
“बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना से हमारी बुद्धि निर्मल होती है और सकारात्मक सोच का विकास होता है। छात्रों को अपनी पुस्तकों और कलाकारों को अपने वाद्ययंत्रों की पूजा अवश्य करनी चाहिए।”
विद्यालय की प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने कहा,
“बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह वसंत ऋतु के आगमन का संकेत है। वसंत को ऋतुओं का राजा कहा जाता है, क्योंकि इस समय प्रकृति अपने पूरे सौंदर्य के साथ खिल उठती है। इस दिन हमें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लेना चाहिए।”
रचनात्मक गतिविधियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन
इस अवसर पर विद्यालय में चित्रकला, कविता पाठ और संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कुछ बच्चों ने माँ सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, तो कुछ ने बसंत पंचमी पर अपने विचार व्यक्त किए।
विद्यालय परिवार ने लिया शिक्षा और संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
इस आयोजन में विद्यालय के प्रशासक अमित माहेश्वरी, समस्त शिक्षकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने माँ सरस्वती से विद्या, बुद्धि और संस्कारों के प्रसार की प्रार्थना की और बसंत पंचमी पर्व की शुभकामनाएँ दीं।


























