
बिल्सी। गौशाला सरस्वती शिशु मंदिर में विद्यारंभ संस्कार का आयोजन विधि-विधान से किया गया। इस अवसर पर यजमान श्री दिनेश बाबू वार्ष्णेय व उनकी धर्मपत्नी ने पुरोहित संजीव दीक्षित के सान्निध्य में हवन-पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। हवन एवं आरती के पश्चात विद्यालय में 21 नवीन पंजीकृत छात्रों को पठन सामग्री एवं थैला भेंट किया गया।
संस्कार और शिक्षा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प
विद्यालय के व्यवस्थापक उमेन्द्र गुप्ता ने कहा,
“विद्यारंभ संस्कार केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि यह ज्ञान और संस्कार की यात्रा का शुभारंभ है। हम प्रयासरत हैं कि विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति से भी जोड़ा जाए।”
विद्यालय के कोषाध्यक्ष राजीव मिश्रा ने कहा,
“विद्यारंभ संस्कार शिक्षा का प्रथम सोपान है। यह संस्कार बच्चों में सीखने की जिज्ञासा और अनुशासन की भावना उत्पन्न करता है।”
प्रधानाचार्य सुबोध कुमार शर्मा ने कहा,
“आज के युग में शिक्षा और संस्कार दोनों का समावेश आवश्यक है। सरस्वती शिशु मंदिर सदैव अपने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों से जोड़कर उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करता रहेगा।”
संस्कारयुक्त शिक्षा पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं सदस्यगण भी उपस्थित रहे। शिवम उपाध्याय, वीरेंद्रपाल सिंह, अनुपम, अंशिका सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सरस्वती वंदना की और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।


























