


लखनऊ। गणतंत्र दिवस 2025 उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन के लिए गर्व का क्षण तब आया जब डीआईजी जेल प्रेमनाथ पांडे को एक साथ दो प्रतिष्ठित पदकों से सम्मानित करने की घोषणा की गई। प्रेमनाथ पांडे को उनके उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवा के लिए भारत सरकार की ओर से राष्ट्रपति पदक और उत्तर प्रदेश राज्यपाल की ओर से विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किया जाएगा।
प्रेमनाथ पांडे: विशिष्ट सेवा के प्रतीक
प्रेमनाथ पांडे, जो इस समय आगरा परिक्षेत्र के डीआईजी जेल के पद पर तैनात हैं, कारागार प्रशासन में अपनी प्रभावी नेतृत्व शैली और सुधारात्मक प्रयासों के लिए जाने जाते हैं। वे उत्तर प्रदेश के ऐसे अधिकारी बन गए हैं जिन्हें एक साथ दोनों सम्मान दिए जा रहे हैं।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष मान्यता
भारत सरकार के गृह मंत्रालय और उत्तर प्रदेश राज्यपाल कार्यालय की ओर से 25 जनवरी को जारी आदेशों में प्रेमनाथ पांडे का नाम विशेष रूप से उल्लेखित किया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक प्रदान किया गया है, जबकि राज्यपाल पदक के तहत उनके उत्कृष्ट प्रशासनिक योगदान को सराहा गया है।
कारागार सुधार में उल्लेखनीय योगदान
प्रेमनाथ पांडे ने अपने कार्यकाल में जेलों में सुधार के लिए कई नवाचार किए। उनके नेतृत्व में जेलों में कैदियों के पुनर्वास कार्यक्रम, डिजिटलाइजेशन, सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासनात्मक सुधारों को नई दिशा मिली। उनकी कार्यशैली ने न केवल कारागार प्रशासन को नई पहचान दी बल्कि इसे एक सुधारात्मक केंद्र के रूप में भी स्थापित किया।
दूसरे सम्मानित अधिकारी
राष्ट्रपति और राज्यपाल पदक की सूची में कारागार प्रशासन के अन्य अधिकारियों का भी नाम शामिल है। इनमें आलोक सिंह (जेल अधीक्षक, शाहजहांपुर), रमाकांत (हेड जेल वार्डर) और अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।
गर्व का क्षण
लखनऊ स्थित कारागार मुख्यालय और प्रदेश के प्रशासनिक अमले के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय है। अधिकारियों ने प्रेमनाथ पांडे को इस उपलब्धि पर बधाई दी है।
गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति और राज्यपाल द्वारा दोनों पदक प्रदान किए जाएंगे। यह सम्मान न केवल प्रेमनाथ पांडे की सेवाओं का आदर करता है, बल्कि कारागार विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।


























