
बिल्सी। बाबा इंटरनेशनल स्कूल में आज ईसाई धर्म के प्रवर्तक और पूरी दुनिया को प्रेम, दया, एवं क्षमा का संदेश देने वाले ईसा मसीह के अवतरण दिवस क्रिसमस का त्योहार बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। साथ ही पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण के प्रतीक तुलसी पूजन पर्व को भी पूरे उत्साह के साथ मनाया गया।
बच्चों ने प्रस्तुत की रचनात्मकता
स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने क्रिसमस ट्री और स्नोमैन को रंग-बिरंगी झालरों और सजावट से खूबसूरत बनाया। बच्चों ने घंटियों को सजाने के साथ-साथ सेंटा क्लॉज की वेशभूषा में एक-दूसरे को उपहार भेंट किए। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने पूरे माहौल को उल्लास से भर दिया।
क्रिसमस और तुलसी पूजन का महत्व बताया
डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय और साधना वार्ष्णेय ने सभी को क्रिसमस और तुलसी पूजन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को ईसा मसीह के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं और तुलसी के औषधीय व सांस्कृतिक महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने प्रेम, त्याग, और क्षमा का मार्ग दिखाया, जिसे सभी को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रकृति संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया।
प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने बच्चों को बताया कि 25 दिसंबर को मदर मरियम ने प्रभु यीशु को जन्म दिया था, जिसे बड़ा दिन के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने सभी को जाति और धर्म से ऊपर उठकर देश प्रेम और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। साथ ही तुलसी को हमारी सांस्कृतिक पहचान और पर्यावरण संरक्षण के लिए अमूल्य बताया।
शिक्षक और स्टाफ रहे उपस्थित
इस अवसर पर विद्यालय प्रशासक अमित माहेश्वरी और सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने बच्चों में रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता का संचार किया।

























