देहगवां। ब्लॉक देहगवां के ग्राम पंचायत कस्बा भगता नगला की गौशाला में लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां आवारा कुत्तों ने दो जिंदा गायों को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना ने गौशाला प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौशाला में लापरवाही का आरोप:
गौशाला के केयरटेकर मौके पर मौजूद नहीं रहते, जिससे वहां गौवंश असुरक्षित है। स्थानीय पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान और सचिव से शिकायत की गई, लेकिन कुत्तों को रोकने या गौवंश की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्राम प्रधान का गैर-जिम्मेदाराना बयान:
मामले में ग्राम प्रधान से बात की गई तो उन्होंने कुत्तों को “शिकारी” करार देते हुए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इससे स्थानीय लोग और पशु प्रेमी आक्रोशित हैं।
पशु चिकित्सक और प्रशासन की चुप्पी:
पशु चिकित्सक वी.के. राठौर और ग्राम प्रधान ने मामले को दबाने की कोशिश की। यह स्थिति सवाल खड़ा करती है कि आखिर गौवंश की दयनीय हालत के लिए जिम्मेदार कौन है?
स्थानीय लोगों की मांग:
ग्रामवासियों और पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि गौशाला में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और आवारा कुत्तों पर काबू पाने के लिए कदम उठाए जाएं। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
यह घटना प्रशासन और स्थानीय निकायों की उदासीनता को उजागर करती है, जिससे निर्दोष गौवंश को अपनी जान गंवानी पड़ी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।

























