शास्त्रों के अनुसार आचरण करना और कर्म करना ही धर्म है-जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री रामचन्दाचार्य जी कथा व्यास



बिल्सी। सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम के तत्वावधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में धूमधाम से किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री रामचन्दाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जन्म का उपयोग भगवान के भजन में करना चाहिए।
स्वामी जी महाराज ने बताया कि मनुष्य ही केवल भगवान के चरणों की भक्ति कर सकता है और इस मानव शरीर को पाकर हमें अपना उद्धार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भगवान का भजन करता है, भगवान उनके कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।स्वामी जी ने यह भी कहा कि शास्त्रों के अनुसार आचरण करना और कर्म करना ही धर्म है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने और अपने जीवन को भगवान की भक्ति में समर्पित करने का आह्वान किया।
कथा में बालाजी धाम के प्रधान महंत पं. मटरूमल शर्मा महाराज जी के साथ शांति देवी शर्मा, प्रदीप शर्मा, ओजित शर्मा, संजीव शर्मा, यश भारद्वाज, आचार्य हरी ओम शर्मा, राजीव शर्मा, नरेंद्र मोहन गरल, दीपक माहेश्वरी, चारु सोमानी, डा. राजाबाबू वार्ष्णेय, विशाल माहेश्वरी, स्वतंत्र राठी,मोहित देवल,बंटी गोस्वामी,सुनील माहेश्वरी, मिंटू सोमानी, डिम्पल सोमानी, बनवारी लाल शर्मा, मुकेश गुप्ता, पुष्कीन माहेश्वरी, सरिता माहेश्वरी, रंजन माहेश्वरी, जितेंद्र कुमार वार्ष्णेय, राजेश कुमार, प्रवीण वार्ष्णेय, आशीष वशिष्ठ, हैमचंद्र वशिष्ठ, पं. गोरे लाल व्यास, और सुवीन माहेश्वरी सहित हजारों की संख्या मे कथा प्रेमी मौजूद रहे ।
इस कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है, और हर दिन बड़ी संख्या में भक्तजन कथा सुनने के लिए उपस्थित हो रहे हैं।

























