बिल्सी। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में बीती रात हुए आतंकी हमले में शहीद हुए इस्लामनगर के वीर जवान मोहित सिंह राठौड़ का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचते ही “मोहित राठौड़ अमर रहे” के नारों से गांव गूंज उठा। शहीद मोहित के सम्मान में पूरा गांव उमड़ पड़ा और लोगों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोहित सिंह राठौड़, जो इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा नगर के निवासी थे, ने आतंकी मुठभेड़ में वीरगति प्राप्त की। 2017 में भारतीय सेना में भर्ती हुए मोहित ने अपने साहस और वीरता से देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनके बलिदान ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे गांव और देश को गर्व महसूस कराया है।
शहीद मोहित का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर प्रशासनिक अधिकारी, नायब तहसीलदार बिसौली, थाना प्रभारी इस्लामनगर सहित कई अधिकारी और कर्मचारी वहां मौजूद थे। अंतिम संस्कार गांव में ही संपन्न होगा। गांव के लोगों ने मोहित को नम आँखों से श्रद्धांजलि दी।
गांव के युवाओं ने मोहित की शहादत से प्रेरित होकर सेना में भर्ती होने का संकल्प लेते दिखे । मोहित की बहादुरी और देशभक्ति की कहानी अब हर जुबान पर है और उनके बलिदान को हर कोई सलाम कर रहा है। मोहित की यादें हमेशा जीवित रहेंगी और उनके बलिदान की गाथा गांव के हर व्यक्ति के दिल में बसी रहेगी।
मोहित सिंह राठौड़ की शहादत ने साबित कर दिया कि हमारे देश के जवान हर मुश्किल का सामना करते हुए अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए सदा तत्पर रहते हैं। उनका बलिदान हमें सिखाता है कि देशभक्ति की भावना को हमेशा जीवित रखना चाहिए और देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

























