
भाजपा प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य, संघमित्रा मौर्य
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बदायूं संसदीय क्षेत्र से सांसद संघमित्रा मौर्य को पिता स्वामी प्रसाद मौर्य की बयानबाजी भारी पड़ी। भाजपा ने संघमित्रा मौर्य का टिकट काटकर बदायूं से ब्रज प्रांत के अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य को प्रत्याशी बनाया है। दुर्विजय सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक से जुड़े हैं। संगठन में मजबूत पकड़ ने बदायूं में उनके लिए सियासी जमीन तैयार की। वहीं संघमित्रा मौर्य का टिकट कटने पर चर्चा है कि उनको पिता की बयानबाजी का खामियाजा भुगतना पड़ा है।
डॉ. संघमित्रा मौर्य एटा में वर्ष 2010 में जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मैनपुरी से प्रत्याशी के रूप में समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव के खिलाफ चुनाव लड़ीं, लेकिन हार गईं। 2019 में भाजपा ने उनको बदायूं से टिकट दिया। बदायूं सीट पर वर्ष 1996 से सपा का कब्जा चला आ रहा था। इस चुनाव में वह जीतीं और सपा का मिथक टूटा था। उधर, पिता ने सपा का दामन थामकर हिंदू समाज के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। टिकट कटने पर संघमित्रा मौर्य ने कहा कि पार्टी का फैसला उन्हें मंजूर है।

























