
उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घटना की जानकारी देते महिला के परिवार वाले
बदायूँ।उझानी नगर के बाजार में बृहस्पतिवार शाम दो सांड़ आपस में भिड़ गए। इससे बाजार में भगदड़ मच गई। इसी दौरान एक सांड़ ने 64 वर्षीय मुन्नी बेगम को पटककर मार डाला। वह सब्जी लेने के लिए कश्यप पुलिया की ओर जा रही थीं। लोगों ने जैसे-तैसे सांड़ों को भगाया।

कस्बे के अंसारी मोहल्ला निवासी मुन्नी बेगम पत्नी अब्दुल हसन बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे कश्यप पुलिया स्थित बाजार में सब्जी खरीदने गईं थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उस दौरान पुलिया के नजदीक कई सांड़ खड़े थे। तभी दो सांड़ आपस में भिड़ गए। इससे वहां अफरातफरी मच गई। लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। दोनों सांड़ों के बीच सड़क पर लड़ने से आवागमन भी बाधित हो गया।
इसी दौरान मुन्नी बेगम सब्जी खरीदने के लिए कश्यप पुलिया की तरफ जाने के लिए गुजरीं। हालांकि वह दोनों सांड़ों से काफी दूर थीं, लेकिन अचानक एक सांड़ दौड़ता हुआ आया और मुन्नी बेगम पर हमला कर दिया। उन्हें सींगों पर उठाकर सड़क पर पटक दिया। काफी देर तक उन पर सींगों से प्रहार करता रहा। हिम्मत जुटाकर लोगों ने डंडे लेकर जैसे-तैसे दोनों सांड़ों को भगाया। इसके बाद मुन्नी बेगम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुन्नी बेगम के दो बेटे हैं जो दिल्ली में रहते हैं। सूचना पर नजदीक में रह रही उनकी बेटी राजदा और परिवार के अन्य सदस्य स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। बाद में पुलिस भी पहुंच गई। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
वहीं पास में गांव अब्दुल्लागंज में भी सांड़ के हमले में दो लोग घायल हुए हैं
कोतवाली क्षेत्र के गांव अब्दुल्लागंज में बुधवार शाम मुंत्याज अली (30) अपनी दुकान बंद करके घर जा रहे थे, तभी रास्ते में एक सांड़ ने उन पर हमला बोल दिया। इसमें वह घायल हो गए। इसी गांव की विमलेश (32) पत्नी शिवकुमार बृहस्पतिवार दोपहर शहर से दवा लेकर लौट रहीं थीं। वह जिरौली मोड़ पर पहुंची, तभी सांड़ ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शासन के दावे फेल, लगातार जान गवां रहे लोग
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने पिछले दिनों अफसरों को आदेश दिया था कि 31 दिसंबर के बाद छुट्टा पशु सड़कों या खेतों पर नजर नहीं आने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बाद में उन्हाेंने 15 दिन का समय और दे दिया। यानी छुट्टा पशुओं को पकड़ने की समय सीमा बढ़ाकर 16 जनवरी कर दी गई, लेकिन जिले में छुट्टा पशुओं को पकड़ने की कवायद अब तक शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में इनके 16 जनवरी तक भी पकड़े जाने की कोई उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है।
एक महीने में चार लोगों की जान ले चुके हैं सांड़
दिसंबर से अब तक छुट्टा सांड़ चार लोगों की जान ले चुके हैं। उझानी में सांड़ के हमले में वृद्धा की मौत से पहले दातागंज और बिल्सी में घटनाएं हो चुकी हैं।

























