अयोध्या के राम मंदिर, सीएम योगी समेत अन्य को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में यूपी STF ने दो आरोपियों को धरदबोचा है. आरोपियों की पहचान गोंडा निवासी ताहर सिंह और ओम प्रकाश मिश्र के रूप में हुई है. दोनों को बुधवार शाम को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है. उनसे पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.

कुछ दिन पहले शारिक ख़ान और जुबैर ख़ान नाम की ईमेल आईडी से राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। अब पुलिस ने धमकी देने वाले गिरफ्तार कर लिए हैं। इनके असली नाम ‘ताहर सिंह’ और ‘ओम प्रकाश मिश्रा’ हैं। आरोप है कि इन्होंने जुबैर नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी बनाकर राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मेल की थी.रिपोर्ट के मुताबिक 27 दिसंबर 2023 के दिन डीजीपी मुख्यालय से जानकारी दी गई थी कि एक X आईडी से ट्वीट किया गया है. ट्वीट ये था कि आईएसआई से जुड़े जुबैर खान नाम के युवक ने एक मेल किया है. इसमें सीएम योगी, एसटीएफ चीफ अमिताभ यश, भारतीय किसान मंच के देवेंद्र नाथ तिवारी के साथ ही अयोध्या राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. यह मेल दरअसल, कुछ दिन पहले भारतीय किसान मंच एवं भारतीय गौ सेवा परिषद (एनजीओ) के अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी को किया गया था।
देवेंद्र तिवारी ने दावा किया था कि ईमेल भेजने वाले ने खुद को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI एजेंट बताया था. इस ईमेल के बाद पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां हरकत में आ गई थीं. अब इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.
देवेंद्र तिवारी ने ही रची थी पूरी साजिश
आरोपियों के कबूलनामे के अनुसार, देवेंद्र तिवारी ने खुद ही यह साजिश रची थी. देवेंद्र ने सुरक्षा पाने और बड़ा नेता बनने के लिए अपने ही कर्मचारियों से खुद को धमकी भरा ईमेल कराया था. जिसमें ताहर सिंह और ओम प्रकाश मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल, मुख्य साजिशकर्ता देवेंद्र की तलाश जारी है.
पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि बंथरा निवासी भारतीय किसान नेता देवेंद्र तिवारी एक एनजीओ चलाता है. उसके खिलाफ मानकनगर, अशियाना, बंथरा, गौतमपल्ली और आलमबाग में कई मामले दर्ज हैं. आरोपियों ने बताया कि वो देवेंद्र के आलमबाग स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट पैरामेडिकल साइंसेज के कार्यालय में काम करते हैं. ओमप्रकाश इसी कॉलेज से आप्टोमेट्री में दो साल का डिप्लोमा भी कर रहा है. देवेंद्र तिवारी के कहने पर ही ताहर सिंह ने थ्रेट मैसेज भेजने के लिए फर्जी ईमेल आईडी बनाई थी. इसके बाद नाका से दो मोबाइल फोन खरीदकर ये मेल किया गया था.

























