
मेडीकल कॉलेज में प्राचार्य एनसी प्रजापति से बात करते बीएससी नर्सिग के छात्र-छात्राओं के अभिभावक
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बीएससी नर्सिंग की छात्राओं को छात्रावास खाली करने का नोटिस जारी किया है। इसके बाद छात्राएं परेशान हैं। मंगलवार को छात्राओं के अभिभावक काॅलेज के प्राचार्य से मिले और पत्र देकर कोर्स पूरा होने तक छात्रावास में रहने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्होंने अनुमति देने से इन्कार कर दिया।अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ की ओर से 2022-2023 में आयोजित परीक्षा में भाग लेकर सफल हुईं अभ्यर्थियों को राजकीय मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग के प्रशिक्षण के दौरान रुकने के लिए हॉस्टल आवंटित किया गया था।
जिसके बाद छात्राओं ने यहां पर रहकर पढ़ाई शुरू कर दी, लेकिन कुछ समय से छात्राओं से हॉस्टल खाली करने के लिए कहा जाने लगा। एक दिसंबर को कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल खाली करने के लिए नोटिस जारी कर दिया।
नोटिस मिलते ही छात्राओं ने अभिभावकों को इस आशय की जानकारी दी। मंगलवार को अभिभावक कॉलेज पहुंचे और प्राचार्य एनसी प्रजापति से मिले। अभिभावकों ने इस सम्बंध में प्राचार्य को पत्र दिया जिसमें छात्राओं को कोर्स पूरा होने तक वहीं रहने की अनुमति देने की मांग की, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने साफ इन्कार कर दिया।
अभिभावकों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले कॉलेज प्रशासन ने आवंटित हॉस्टल को खाली कराकर दूसरे में शिफ्ट कर दिया था। ठंड में छात्राओं के लिए बेड, गद्दा, रजाई आदि कोई भी सुविधा नहीं दी गई। वहीं कुछ अभिभावकों का कहना है कि जब वह प्राचार्य से मिलने गए तो उन्होंने उनकी एक नहीं सुनी और गाड़ी में बैठकर चले गए।
वहीं मेडिकल कालेज प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को पहले ही बता दिया गया था। नोटिस भी जारी किया गया है। उनको हॉस्टल खाली करना होगा। वह जो आरोप लगा रहे हैं वह गलत है।
मेडीकल कॉलेज में प्राचार्य एनसी प्रजापति से बात करते बीएससी नर्सिग के छात्र-छात्राओं के अभिभाव

























